Raipur Central Jail Ganesh Idol: जेल में बंदियों ने तैयार की विशेष गणेश प्रतिमाएं, आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश, जानें इन मूर्तियों की खासियत

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Raipur Central Jail Ganesh Idol: जेल में बंदियों ने तैयार की विशेष गणेश प्रतिमाएं, आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश, जानें इन मूर्तियों की खासियत

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 04:56 PM IST

Raipur Central Jail Ganesh Idol: जेल में बंदियों ने तैयार की विशेष गणेश प्रतिमाएं, आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का दे रहे संदेश, जानें इन मूर्तियों की खासियत /image: IBC24 file

HIGHLIGHTS
  • रायपुर केंद्रीय जेल में बंदियों ने 500 इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं
  • प्रतिमाओं में तुलसी समेत विभिन्न पौधों के बीज डाले गए हैं
  • विसर्जन के बाद बीज अंकुरित होकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे

रायपुर। Raipur Central Jail Ganesh Idol: बप्पा के आगमन में अब कुछ ही दिन बाकी है, गणेशोत्सव (Ganesh Chaturthi 2026) के पावन अवसर पर केंद्रीय जेल रायपुर के बंदियों ने आस्था, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। आगामी गणेशोत्सव के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों द्वारा प्राकृतिक मिट्टी से लगभग 1 से 2 फीट आकार की 500 पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं (Eco Friendly Ganesh Murti) तैयार की गई हैं। इन प्रतिमाओं की खासियत यह है कि इनके निर्माण में प्राकृतिक मिट्टी एवं रंगों का उपयोग किया गया है तथा प्रतिमाओं में तुलसी सहित विभिन्न पौधों के बीज भी डाले गए हैं।

Raipur Central Jail Ganesh Idol गणेशोत्सव के पश्चात इन प्रतिमाओं का विसर्जन किए जाने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप लेंगे। इस प्रकार ये प्रतिमाएं धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी।

बंदियों की रचनात्मकता को मिला सकारात्मक दिशा

केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों (Raipur Jail Prisoners) द्वारा विभिन्न कौशल विकास एवं उत्पादन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में लगभग 10 बंदियों ने अत्यंत लगन, मेहनत और रचनात्मकता के साथ भगवान गणेश की इन आकर्षक प्रतिमाओं का निर्माण किया है। यह पहल बंदियों के कौशल विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें समाजोपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी गतिविधियों से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। मिट्टी की प्रतिमाओं में बीजों का समावेश इस कार्य को और विशेष बनाता है।

आस्था और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं

जेल अधीक्षक रायपुर योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि केंद्रीय जेल रायपुर द्वारा बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर विभिन्न कौशल विकास एवं उत्पादन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बंदियों द्वारा तैयार की गई ये बीजयुक्त पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं इस संदेश को साकार करती हैं कि आस्था और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों से बंदियों को अपनी प्रतिभा और कौशल को सकारात्मक दिशा में उपयोग करने का अवसर मिलता है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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रायपुर जेल में कितनी गणेश प्रतिमाएं बनाई गई हैं?

केंद्रीय जेल रायपुर के बंदियों ने करीब 500 पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं।

इन गणेश प्रतिमाओं की खासियत क्या है?

प्रतिमाएं प्राकृतिक मिट्टी और रंगों से बनाई गई हैं तथा इनमें तुलसी सहित विभिन्न पौधों के बीज डाले गए हैं।

विसर्जन के बाद इन प्रतिमाओं का क्या होगा?

प्रतिमा में मौजूद बीज मिट्टी में अंकुरित होकर पौधों का रूप लेंगे।

कितने बंदियों ने प्रतिमाओं का निर्माण किया?

लगभग 10 बंदियों ने अपनी मेहनत और रचनात्मकता से इन आकर्षक गणेश प्रतिमाओं को तैयार किया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस पहल का उद्देश्य बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास के साथ आस्था एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।