महाराष्ट्र की मंत्री ने त्योहारों के दौरान ‘डीजे सिस्टम’ पर समान रूप से प्रतिबंध की मांग की

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महाराष्ट्र की मंत्री ने त्योहारों के दौरान ‘डीजे सिस्टम’ पर समान रूप से प्रतिबंध की मांग की

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 04:46 PM IST

मुंबई, आठ सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र की मंत्री माधुरी मिसाल ने त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले ‘डीजे साउंड सिस्टम’ और ‘स्पीकर’ के इस्तेमाल पर समान रूप से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग करते हुए कहा है कि आगामी गणेश उत्सव पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मनाया जाना चाहिए।

मिसाल ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब पुणे में तेज आवाज वाले ‘साउंड सिस्टम’ के खिलाफ जन अभियान जोर पकड़ रहा है। इस मुद्दे पर हालांकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर अलग-अलग राय है। पार्टी के कई नेताओं ने कहा है कि त्योहारों में शोभायात्रा के दौरान ‘डीजे सिस्टम’ बजाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

सामाजिक न्याय एवं शहरी विकास राज्य मंत्री मिसाल ने सोमवार को जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘हम ‘डीजे सिस्टम’ के इस्तेमाल के पूरी तरह खिलाफ हैं। तेज आवाज में संगीत बजाकर त्योहार नहीं मनाए जाने चाहिए क्योंकि इससे आम लोगों, छात्रों और बुजुर्गों को परेशानी होती है।’’

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का त्योहार गणेशोत्सव पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ परंपरागत तरीके से मनाया जाना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘गणेशोत्सव या किसी अन्य त्योहार में ‘डीजे सिस्टम’ का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। त्योहार पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मनाए जाने चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि ‘डीजे सिस्टम’ का विरोध करने को त्योहार के विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मिसाल ने कहा कि लोकतंत्र में कुछ लोग अपने विचार व्यक्त करते हुए यह कहते हैं कि गणेशोत्सव पर जश्न मनाना बंद कर दिया जाना चाहिए लेकिन महाराष्ट्र की परंपरा रहे इस त्योहार पर जश्न मनाना बंद करना इसका समाधान नहीं है।

उन्होंने पुणे के 32 गणेश मंडलों का उदाहरण दिया, जिन्होंने हाल में दही हांडी का आयोजन ‘डीजे सिस्टम’ के बिना और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ किया था।

मिसाल ने यह भी कहा कि ‘डीजे सिस्टम’ पर प्रतिबंध पूरे साल होने वाले सभी धर्मों के सभी त्योहारों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम ‘डीजे सिस्टम’ के इस्तेमाल के खिलाफ है। इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पूरे साल मनाए जाने वाले सभी त्योहारों में, चाहे वे किसी भी धर्म से जुड़े हों, ‘डीजे सिस्टम’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होना चाहिए। नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।’’

मिसाल ने कहा कि पुणे के लोग गणेश उत्सव के दौरान पूरे महाराष्ट्र के लिए एक मिसाल कायम कर सकते हैं।

पुणे के कुछ निवासियों ने रविवार को प्रदर्शन कर धार्मिक, जातीय और राजनीतिक आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले लाउडस्पीकर और इसी तरह के अन्य उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों और राजनीतिक आयोजनों के दौरान ऐसे ‘साउंड सिस्टम’ के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

भाषा

सिम्मी अविनाश

अविनाश