Arang Murder Case: आरंग में शिक्षक शिवकुमार हत्याकांड का खुलासा, साथी शिक्षक ही निकला कातिल, इस वजह से उतारा था मौत के घाट, पढ़ें वारदात की पूरी कहानी

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Arang Murder Case: आरंग में शिक्षक शिवकुमार हत्याकांड का खुलासा, साथी शिक्षक ही निकला कातिल, इस वजह से उतारा था मौत के घाट, पढ़ें वारदात की पूरी कहानी

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 02:37 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 02:46 PM IST

Arang Murder Case: आरंग में शिक्षक शिवकुमार हत्याकांड का खुलासा, साथी शिक्षक ही निकला कातिल, इस वजह से उतारा था मौत के घाट, पढ़ें वारदात की पूरी कहानी /image: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • साथी शिक्षक ही निकला कातिल
  • 30 लाख के विवाद में हत्या
  • 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा

रायपुर/आरंग। Arang Murder Case: राजधानी रायपुर से लगे थाना आरंग क्षेत्र के बनचरौदा में हुए शिक्षक शिवकुमार चंद्राकहत्याकांड (Shivkumar Chandrakar Murder) की गुत्थी को पुलिस की टीम ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक के साथी शिक्षक ने ही इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया है, रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग में पैसों के लेन-देन और 30 लाख रुपये की उधारी के विवाद में शिक्षक को उसके साथी शिक्षक ने मौत के घाट उतार दिया। फ़िलहाल पुलिस ने कातिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 सितंबर 2026 की है, जब ग्राम बनचरौदा के पास ग्राम रामपुर डंगनिया निवासी 46 वर्षीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का शव मिला था। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तो उनके सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जाँच कर रही थी।

स्कूल के CCTV और VSK ऐप के लॉग से मिला सुराग (Raipur Crime News)

Arang Murder Case जांच के दौरान पुलिस को ग्रामीणों से जानकारी मिली कि मृतक शिक्षक को आखिरी बार उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद रंग की स्कूटी पर घटना स्थल की तरफ जाते देखा गया था। पुलिस ने जब ग्राम कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग इन रिपोर्ट का चेक किया तो उनके होश उड़ गए।

घटना वाले दिन आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा 17 सितंबर की सुबह 09:35 बजे स्कूल आया और काम का बहाना बनाकर बाहर निकला था। इस दौरान आरोपी ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल का लोकेशन बंद कर दिया था। हत्या को अंजाम देने के बाद वह दोपहर वापस स्कूल लौटा। इतना ही नहीं शातिर ने इस वारदात को साजिश के तहत अंजाम दिया था। स्कूल पहुँचते ही मोबाइल कहीं छूट जाने का बहाना देते हुए वीएसके ऐप में लॉगिन न करके साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की। यह तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। पुलिस हिरासत में लेकर आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की तब आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा ने सारा राज उगल दिया।

30 लाख की उधारी और 3 महीने के ब्याज को लेकर था विवाद

Arang Murder Case आरोपी अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि आरोपी और मृतक पिछले 4 साल से एक-दूसरे को जानते थे और साथ में रेत, रियल स्टेट व बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। आरोपी ने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके एवज में मृतक ने बैंक के 3 ब्लैंक चेक दिए थे। पिछले 3 महीनों से मृतक न तो ब्याज दे रहा था और न ही पैसे लौटा रहा था, बल्कि गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी ने बताया कि इसी रंजिश के चलते उसने शिक्षक की निर्मम हत्या (Arang Murder Case) की है।

सुनसान इलाके में लेजाकर हथौड़े से की थी हत्या

Chhattisgarh Crime New विवाद बढ़ने पर आरोपी ने सुनसान इलाके में ले जाकर धारदार हथियार और हथौड़े से वार कर शिवकुमार चंद्राकर को मौत के घाट (Arang Murder Case) उतार दिया। आरंग पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक द्वारा दिए गए 3 ब्लैंक चेक, बरामद कर लिए हैं और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

 

 

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आरंग में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या किसने की?

पुलिस के मुताबिक, हत्या मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा ने की।

शिक्षक की हत्या क्यों की गई?

पुलिस के अनुसार, करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन और उधारी के विवाद के चलते हत्या की गई।

हत्या की वारदात कब हुई थी?

शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर का शव 17 सितंबर 2026 को ग्राम बनचरौदा के पास मिला था।

आरोपी ने हत्या कैसे की?

पुलिस के अनुसार, आरोपी मृतक को सुनसान इलाके में ले गया और धारदार हथियार व हथौड़े से हमला किया।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा और मृतक के तीन ब्लैंक चेक बरामद किए हैं।