Big Decision on Compassionate Appointments: बिलासपुर हाईकोर्ट ने कर दिया स्पष्ट.. शासकीय कर्मचारी के मौत पर अब इस संबंधी को मिलेगी अनुकम्पा नौकरी में प्राथमिकता

बिलासपुर हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि पात्र विधवा पत्नी को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।

Big Decision on Compassionate Appointments: बिलासपुर हाईकोर्ट ने कर दिया स्पष्ट.. शासकीय कर्मचारी के मौत पर अब इस संबंधी को मिलेगी अनुकम्पा नौकरी में प्राथमिकता

Bilaspur High Court Gives Priority to Widow in Compassionate Appointment Case || Image- IBC24 News File

Modified Date: August 20, 2026 / 08:08 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • विधवा पत्नी को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
  • बहन अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती
  • हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण

बिलासपुर: अनुकंपा नियुक्ति में विवाद पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश सामने आया है। उच्च न्यायलय ने स्पष्ट किया है कि, दिवंगत शासकीय कर्मचारी के शासकीय नौकरी में उसकी विधवा पत्नी को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। (Big Decision on Compassionate Appointments) हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि, विधवा के पात्र और उपलब्ध होने की स्थिति में उसकी जगह कर्मचारी की बहन या अन्य कोई अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते।

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क्या है मामला?

दरअसल रायपुर गुढ़ियारी के रहने वाली दीपशिक्षा साहू के पिता सरकारी कर्मचारी थे। शासकीय सेवा में रहते हुए पिता के आकस्मिक मृत्यु के बाद इस सेवा उनके बेटे अभिषेक को दी गई थी। शासन ने अभिषेक को शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त किया था।

इसी बीच जुलाई 2021 में शासकीय सेवा में रहते अभिषेक साहू का निधन हो गया। इस घटना के बाद शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए अभिषेक की बहन दीपशिखा और अभिषेक की विधवा पत्नी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। (Big Decision on Compassionate Appointments) आवेदन पर विचार करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने मृतक कर्मचारी अभिषेक की विधवा पत्नी को नियुक्ति दे दी।

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शिक्षाधिकारी के इसी फैसले को दीपशिखा ने उच्च न्यायलय बिलासपुर में चुनौती दी थी। उन्होंने तर्क दिया था कि, उनकी विधवा भाभी उनसे अलग रहती है। इसी आधार पर सेवा का अवसर उन्हें मिलना चाहिए। (Big Decision on Compassionate Appointments) हालाँकि अब बिलासपुर हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए स्पष्ट कहा है कि, मृत कर्मचारी के सेवा के लिए उनकी पत्नी ही पात्र होंगी।

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