CG Contract Employee Regularization Order: छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति के बाद नियमितीकरण के लिए अधिसूचना जारी, 15 दिन के भीतर मिलेगी खुशखबरी / Image: AI Generated
रायपुर: CG Contract Employee Regularization Order लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे संविदा कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने दिवाली की सौगात देने जा रही है। दरअसल प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमितीकरण के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी और इसके बाद विभाग की ओर से कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले कर्मचारियों के नियमितीकण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
CG Contract Employee Regularization Order मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 3,630 कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा। नियमितीकरण का लाभ तृतीय श्रेणी 966 और चतुर्थ श्रेणी के 2664 कर्मचारियों को मिलेगा। कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों के भीतर अपना रिपोर्ट सौंपेगी।
गौरतलब है कि वन विभाग ने कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भर्ती तथा सेवा शर्तें नियम, 2024 लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव को जीएडी की सहमति मिल चुकी है। इसके बाद अब नियमों को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू की गई है। विभागीय स्तर पर इसे नियमितीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए गठित टीम में मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी, गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य बनाया गया है। जबकि उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव बनाए गए हैं।
वन विभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से दैनिक वेतन या अन्य अस्थायी व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं। वर्षों की सेवा के बावजूद नियमित कर्मचारी जैसी सेवा सुरक्षा और स्थायित्व नहीं मिलने का मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है। अब 3,630 पदों को नियमों के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू होने से कर्मचारियों में नियमितीकरण की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि अंतिम लाभ नियम अधिसूचित होने और शासन की आगामी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।