(FD Interest Rate/ Image Credit: IBC24 News)
बिजनेस: FD Interest Rate: रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग चाहते हैं कि उनकी जमा पूंजी सुरक्षित रहे और उससे नियमित ब्याज भी मिलता रहे। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD सीनियर सिटीजन के लिए एक आसान और कम जोखिम वाला विकल्प हो सकता है। कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज (FD Interest Rate) देते हैं। यह अतिरिक्त ब्याज आमतौर पर 25 से 75 बेसिस पॉइंट तक हो सकता है। लंबे समय के निवेश में यह छोटा अंतर भी कुल रिटर्न को बढ़ा सकता है। इसलिए FD कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।
बेसिस पॉइंट ब्याज दर में होने वाले छोटे बदलाव को बताने की एक इकाई है। 100 बेसिस पॉइंट का मतलब 1 प्रतिशत होता है। इसी तरह 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत और 75 बेसिस पॉइंट यानी 0.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बैंक की सामान्य FD दर 7 प्रतिशत है और वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है तो उन्हें 7.50 प्रतिशत की दर मिल सकती है। निवेश की अवधि जितनी लंबी होगी, अतिरिक्त ब्याज का असर उतना ही ज्यादा हो सकता है।
पैसा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ छोटे वित्त बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज (FD Interest Rate) मिल रहा है। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में अधिकतम ब्याज दर 8.50 प्रतिशत तक बताई गई है। जन स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.30 प्रतिशत, DCB बैंक में 8 प्रतिशत और बंधन बैंक में 7.95 प्रतिशत तक दर है। वहीं AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.90 प्रतिशत, बैंक ऑफ इंडिया 7.45 प्रतिशत, इंडियन बैंक 7.15 प्रतिशत और केनरा बैंक 7.10 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं।
सिर्फ सबसे ज्यादा ब्याज देखकर FD चुनना (FD Interest Rate) सही फैसला नहीं है। निवेश से पहले FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने के नियम और लागू पेनल्टी को जरूर समझना चाहिए। अलग-अलग सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की दरों में अंतर हो सकता है। FD की खासियत यह है कि इसमें बाजार के रोजाना उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं रहती। वरिष्ठ नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से अवधि चुनकर तय ब्याज के साथ बचत को सुरक्षित रखने की योजना बना सकते हैं।