CG Liquor Scam: फिर बढ़ी पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड, अब इतने दिनों तक और रहेंगे जेल में

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CG Liquor Scam: फिर बढ़ी पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड, अब इतने दिनों तक और रहेंगे जेल में

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  • Publish Date - October 29, 2025 / 04:49 PM IST,
    Updated On - October 29, 2025 / 05:23 PM IST
HIGHLIGHTS
  • कोर्ट ने चैतन्य बघेल की रिमांड 12 नवंबर तक बढ़ाई
  • ईडी ने जुलाई में किया था भिलाई से गिरफ्तारी
  • आरोप: 16.70 करोड़ की अवैध कमाई रियल एस्टेट में लगाई

रायपुर: CG Liquor Scam छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड बढ़ गई है। अब चैतन्य 12 नवंबर जेल में ही रहेंगे।

CG Liquor Scam दरअसल, रिमांड खत्म होने के बाद आज चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिमांड बढ़ाने का फैसला लिया। कोर्ट के आदेश के बाद अब चैतन्य बघेल को 12 नवंबर तक जेल में रहना होगा। इसके अलावा मामले में शामिल निरंजन दास को भी आज राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनके संबंध में भी कोई राहत देने से इनकार कर दिया।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाला मामले में 18 जुलाई को भिलाई निवास स्थान से गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मे इन्वेस्ट किया। आरोप है कि यह पैसा नगद में ठेकेदारों को भुगतान फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी के बहाने से उपयोग किया। वह त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर विट्ठलपुरम नामक परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद की योजना बनाकर 5 करोड़ हासिल करने के आरोप में भी घिरे हैं। इन फ्लैटों को त्रिलोक सिंह ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन असली लाभार्थी चैतन्य ही थे।

चैतन्य बघेल कौन हैं?

चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे हैं। वे इस समय ईडी की जांच के दायरे में हैं।

शराब घोटाला केस क्या है?

यह मामला छत्तीसगढ़ की शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अवैध धन के प्रवाह से जुड़ा है। ईडी का दावा है कि सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों के बीच अवैध कमीशन का बड़ा नेटवर्क था।

चैतन्य बघेल पर क्या आरोप हैं?

उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अवैध कमाई को रियल एस्टेट में निवेश करने और फर्जी लेनदेन करने के आरोप हैं।