Chhattisgarh Naxalism Deadline: 8 हजार नक्सलियों का संगठन महज 2 सालों में ध्वस्त.. जानें कितने हुए ढेर और कितनों ने किया सरकार के सामने सरेंडर

Chhattisgarh Naxalism Deadline: पप्पा राव समेत 18 नक्सली आत्मसमर्पण, बस्तर नक्सल मुक्त, AK-47 हथियार जमा, 55 लाख रुपए इनामी सुकरु।

Chhattisgarh Naxalism Deadline: 8 हजार नक्सलियों का संगठन महज 2 सालों में ध्वस्त.. जानें कितने हुए ढेर और कितनों ने किया सरकार के सामने सरेंडर

Chhattisgarh Naxalism Deadline || Image- Symbolic (Canva)

Modified Date: March 25, 2026 / 01:30 pm IST
Published Date: March 25, 2026 1:30 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बस्तर में पप्पा राव समेत 18 नक्सली आत्मसमर्पण
  • AK-47 और अन्य हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे
  • 55 लाख रुपए का इनामी सुकरु भी सरेंडर

रायपुर: सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे यानी डेडलाइन को महज पांच दिन ही बाकी हैं। केंद्र और राज्य की सरकारों ने संयुक्त तौर पर 31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी हिस्सों से हथियारबंद नक्सलवाद को पूरी तरह से ख़त्म करने का दावा किया था। छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के ज्यादातर इलाके नक्सलमुक्त हो चुके हैं, जबकि मध्यप्रदेश राज्य माओवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। (Chhattisgarh Naxalism Deadline) बात छत्तीसगढ़ की करें तो DKSZC मेंबर पप्पा राव ने भी अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया था। पप्पा राव को लेकर गृहमंत्री का दावा है कि वह क्षेत्र में सक्रिय आखिरी नक्सली नेता था। इसके साथ ही राज्य में महज 30-35 माओवादी ही शेष रह गए हैं।

गृहमंत्री ने बताया नक्सल उन्मूलन का आंकड़ा

इस बीच कांग्रेस ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या 31 मार्च के बाद प्रदेश में नक्सली घटनाएं रुक जाएंगी? विपक्षी दल के इसी सवाल का जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि 31 मार्च की रात हैप्पी न्यू ईयर नहीं है। 8 हजार नक्सलियों के संगठन को 2 साल में खत्म किया गया। इस दौरान 3 हजार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। 2 हजार नक्सली गिरफ्तार किए गए, जबकि साढ़े 500 से ज्यादा नक्सली मार गिराए गए। इसके बाद भी कांग्रेस सवाल खड़ा कर रही है। विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में शायद हैप्पी न्यू ईयर भरा है, इसलिए वे ऐसा सवाल कर रहे हैं।

पप्पा राव की वापसी बड़ी कामयाबी

गौरतलब है कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य पप्पा राव समेत कुल 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस संबंध में आईजी बस्तर पी. सुंदरराज ने मंगलवार को जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में पप्पा राव के अलावा डिविजनल कमेटी सदस्य प्रकाश मडवी और अनिल भी शामिल हैं। इन सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। आत्मसमर्पण के दौरान ये लोग AK-47 समेत अन्य हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपेंगे। (Chhattisgarh Naxalism Deadline) आईजी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले 18 नक्सलियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी का पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया आगे पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2026 को हुई यह घटना बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दंडकारण्य में पहली बार माओवादी संगठन नेतृत्वहीन हो गया है। आईजी सुंदरराज ने उम्मीद जताई कि बाकी बचे नक्सली भी जल्द ही हिंसा छोड़कर शांति का रास्ता अपनाएंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।

55 लाख रुपए के इनामी सुकरु का सरेंडर

पप्पा राव के सरेंडर के साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ओडिशा पुलिस के सामने 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों ने अपने पास मौजूद AK-47, SLR, 303 और सिंगल शॉट बंदूकें भी पुलिस के हवाले कर दी हैं। इसमें प्रमुख नक्सली सुकरु पर 55 लाख रुपए का इनाम था, जबकि सभी पांचों नक्सलियों पर कुल 66 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इसके साथ ही करीब 7 लाख रुपए कीमत के हथियार भी सरेंडर किए गए हैं।

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