दुर्ग फतह के लिए सियासी जोड़-तोड़, नए पुराने चेहरों के साथ समाज को साधने की कोशिश

दुर्ग फतह के लिए सियासी जोड़-तोड़, नए पुराने चेहरों के साथ समाज को साधने की कोशिश

दुर्ग फतह के लिए सियासी जोड़-तोड़, नए पुराने चेहरों के साथ समाज को साधने की कोशिश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:11 pm IST
Published Date: November 3, 2018 11:08 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में दुर्ग फतह करने की जमकर जोड़तोड़ शुरू हो गया है। जी हां हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के दुर्ग संभाग की। यहां विधानसभा की 20 सीटें हैं। जिसमें वैशालीनगर, भिलाई और पाटन में मुकाबले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वैशालीनगर से सरोज पांडे के परिवार के सदस्यों ने ताल ठोंक कर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी है, तो भिलाई में मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे की प्रतिष्ठा दांव पर है, जबकि पाटन से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कांग्रेस प्रत्याशी हैं, उन्हें भी अपने इलाके में कुर्मी और साहू समाज की नाराजगी से जूझना पड़ रही है। दुर्ग ग्रामीण सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के बदलने के कारण यह हॉट सीट हो गई है।  

उल्लेखनीय है कि दुर्ग संभाग में इस बार जातिगत समीकरण के आधार पर टिकट वितरण किया गया है। बीजेपी ने साहू समाज को खास तवज्जो दी है। भाजपा ने 2013 के मुकाबले 7 सीट में नए चेहरे को मौका दिया है। जबकि, 10 सीटों में प्रत्याशी रिपीट किए हैं। पार्टी ने दुर्ग ग्रामीण की विधायक और महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू का टिकट काट दिया है। भिलाई नगर विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को पार्टी ने रिपीट किया है। दुर्ग जिले की 3 सीट दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण और पाटन में नए चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा है। भाजपा ने पाटन से पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के खिलाफ साहू समाज के नेता मोतीराम साहू को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं दुर्ग शहर से दुर्ग मेयर चंद्रिका चंद्राकर को प्रत्याशी बनाया है। वहीं दुर्ग ग्रामीण से पूर्व मंत्री जगेश्वर साहू को मौका दिया है। वैशालीनगर से विद्यारतन भसीन को तमाम विरोध के बावजूद दोबारा मौका दिया गया है, जबकि यहां से राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे के भाई राकेश पांडे टिकट की आस लगाए बैठे थे, उन्होंने टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी के बड़े नेताओं को जमकर आड़े हाथों लिया, हालांकि बड़े नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी को निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में पर्चा भरवा दिया है। ऐसे में इस सीट पर समीकरण बिगड़ सकते हैं।  

यह भी पढ़ें : रुद्र गुरु के नामांकन पर कांग्रेसियों को ही आपत्ति, 2 जगह मतदाता सूची में नाम की शिकायत 

इसके अलावा सूबे के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे भिलाई नगर से एक बार फिर मैदान में हैं। वे 1990 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1993 में विधायक बने। 2003 में चुनाव जीतने के बाद विधानसभा अध्यक्ष बने। 2013 में विधायक निर्वाचित होकर उच्च एवं तकनीकी व राजस्व मंत्री बने। प्रेमप्रकाश पांडेय ने 1977 में एबीवीपी से कॅरियर की शुरुआत की। 1978 में एबीवीपी के नगर अध्यक्ष बने। 1979 में साइंस कॉलेज दुर्ग से छात्र अध्यक्ष बने। 1987 में भाजपा के जिला महामंत्री बने। उनका मुकाबला कांग्रेस के देवेन्द्र यादव से है। वे भिलाई के महापौर हैं। कांग्रेस 1993 से लेकर 2013 तक भिलाई नगर में बदरूद्दीन कुरैशी को प्रत्याशी बनाते आ रही है। 25 साल बाद कांग्रेस ने कुरैशी की जगह किसी नए चेहरे को मौका दिया है। 1993 में कुरैशी चुनाव हारे, इसके बाद 1998 में जीते। 2003 में कुरैशी हारे और 2008 में फिर विधायक बने। इससे पहले 1977 में जेएनपी के दिनकर ढागे विधायक रहे। इसके बाद 1980 में कांग्रेस के फूलचंद बाफना, 1985 में कांग्रेस के रवि आर्या, 1990 में भाजपा के प्रेमप्रकाश पांडेय, 1993 में फिर प्रेमप्रकाश पांडेय, 1998 में बदरूद्दीन कुरैशी, 2003 में प्रेमप्रकाश पांडेय, 2008 में कुरैशी और 2013 में पांडेय विधायक निर्वाचित हुए। 

दुर्ग ग्रामीण की सीट दोनों पार्टियों के प्रत्याशी के कारण चर्चा में हैं। बीजेपी सरकार में मंत्री रही रमशीला साहू साल 2013 में इस सीट से जीतकर आई थी, लेकिन इस बार उनकी टिकट काट दी गई। रमन सरकार की एकमात्र मंत्री जिसकी टिकट काटी गई है। कांग्रेस ने यहां से दुर्ग के दिग्गज नेता वासूदेव चंद्राकर की बेटी प्रतिमा चंद्राकर को प्रत्याशी बनाया था। वे पिछला चुनाव हार गई थीं। वे कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की करीबी मानी जाती हैं। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बी फार्म जारी होने के बाद पार्टी ने उनकी टिकट काटकर दुर्ग के सांसद ताम्रध्वज साहू को टिकट दी है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने रणनीति के तहत टिकट बदली है। यहां जातीय समीकरण और साहू समाज को साधने के लिए ऐसा किए जाने की चर्चा है। जबकि रमशीला के बारे में कहा जा रहा है कि उनका क्षेत्र में काफी विरोध है। पति डॉ. दयाराम साहू के दखल से भी पार्टी के लोग असंतुष्ट रहते थे। जिसकी वजह से उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया। कुल मिलाकर यहां से साहू समाज के ताम्रध्वज साहू और जागेश्वर साहू आमने सामने हैं। जागेश्वर साहू पहले कांग्रेस में थे। 1980 से सक्रिय राजनीति की शुरूआत की। 1985 में पहली बार धमधा क्षेत्र से विधायक चुने गए। अविभाजित मध्यप्रदेश में 1993 में कृषि एवं आयाकट मंत्री बने। 1998 में भाजपा में शामिल हुए। पार्टी के जिला अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष का ओहदा भी संभाला। भाजपा से 2003 में धमधा सीट से चुनाव लड़े पर हार गए। 2008-09 में वैशाली नगर से चुनाव लड़ने पर भी उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा। अब उन्हें दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा ने तीसरी बार प्रत्याशी बनाया है। जातिगत समीकरण के आधार पर जागेश्वर को टिकट देने की चर्चा है। 

यह भी पढ़ें : उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बीजेपी में बवाल,कई जगहों पर बगावत के स्वर,केंद्रीय मंत्री को चेतावनी 

दुर्ग शहर से बीजेपी ने महापौर चंद्रिका चंद्राकर को उतारा है। उन्होंने साल 2004 से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। तत्कालीन महापौर सरोज पांडेय के कार्यकाल में सखी सहेली समिति का गठन किया गया। जिसकी अध्यक्ष चंद्रिका चंद्राकर बनी। उनके पति एमआईसी मेंबर थे। यहां से भाजपा से हेमचंद यादव चुनाव लड़ते रहे। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई। हालांकि, हेमचंद यादव की पत्नी के नाम पर चर्चा चल रही थी। लेकिन दुर्ग विधायक अरूण वोरा के खिलाफ हमेशा चंद्रिका मुखर रही। इसलिए पार्टी ने मौका दिया। 

दुर्ग के एक और महत्वपूर्ण अहिवारा सीट है। यहां से बीजेपी ने सांवला राम डाहरे को रिपीट किया है। सेल्स टैक्स ऑफिसर की नौकरी छोड़ने के बाद पिछला विधानसभा चुनाव लड़े थे, और जीतकर आए।  कांग्रेस के अशोक डोंगरे को 32000 हजार वोटों से हराया। इस बार यहां भाजपा में चरोदा मेयर चंद्रकांता मांडले और पूर्व विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का नाम चल रहा था। लेकिन सरोज पांडेय के कट्टर समर्थक होने की वजह से दोबारा रिपीट हुए। पार्टी के हर सर्वे में डाहरे का नाम अव्वल रहा। बता दें कि, 1982 से 1990 तक बीएसपी स्कूल में लैक्चरर रहे। इसके बाद 1990 से 2013 तक सेल टैक्स में ऑफिसर के पद पर पदस्थ रहे। यहां से कांग्रेस ने सतनामी समाज के धर्म गुरू रूद्र गुरू को टिकट दी है। हालांकि वे आरंग से विधायक रह चुके हैं, लेकिन पिछला चुनाव हार गए थे, लिहाजा इस बार उनकी सीट बदल दी गई है। यहां से जोगी कांग्रेस के डॉ बंजारे भी मैदान में है। 

यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में लगातार तीसरे दिन बर्फबारी, श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे भूस्खलन के कारण बंद 

पाटन में बीजेपी ने मोतीलाल साहू को टिकट दी है। शुरुआत में उन पर बाहरी होने के आरोप लगे। वे रायपुर के रहने वाले हैं और कांग्रेस से महासमुंद का लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2014 में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। बीजेपी से वे रायपुर ग्रामीण से टिकट के दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ उतारा गया है। पाटन क्षेत्र से वर्तमान विधायक भूपेश बघेल पार्टी के प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे भूपेश बघेल का मुकाबला साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष व भाजपा प्रत्याशी मोती राम साहू से होगा। भूपेश ने अब तक पाटन से पांच बार चुनाव लड़ा, जिसमें चार बार उनकी जीत हुई। 2003 में एनसीपी उम्मीदवार रहे विजय बघेल से मुकाबला काफी नजदीकी रहा था। 2008 के चुनाव में उन्हें विजय बघेल से पराजय मिली थी। इसके बाद 2013 में उन्होंने विजय को हराकर अपनी सीट सुरक्षित की थी।

इन्हें बीजेपी से मिला दोबारा मौका- साजा लाभचंद बाफना, बेमेतरा अवधेश चंदेल, नवागढ़ दयालदास बघेल राजनांदगांव डॉ रमन सिंह, डोंगरगढ़ सरोजनी बंजारे, खैरागढ़ कोमल जंघेल, कवर्धा अशोक साहू, पंडरिया मोतीलाल चंद्रवंशी। 

यह भी पढ़ें : तालिबान के गॉडफादर कहे जाने वाले समी-उल-हक की पाकिस्तान में हत्या 

पड़ोसी जिले में तीन सीट में पार्टी ने पहली बार दिया मौका- डोंगरगांव मधुसूदन यादव, खुज्जी हीरेंद्र साहू, मोहला मानपुर कंचनमाला भूआर्य।

वेब डेस्कIBC24


लेखक के बारे में

Shahnawaz Sadique is a digital marketing powerhouse with over 15 years of experience in the industry. His expertise encompasses a wide range of skills, from content writing and affiliate marketing to product launches and email campaigns. With 15 years of experience in social media, SMM, and SEO, he's an expert at helping businesses increase their online reach. From travel to business, education, media, tech, and cyber security, Shahnawaz has a proven track record of delivering results for clients across various sectors. Shahnawaz is also working as Sr. Digital Marketing Manager @ IBC24 News. He has a 9+ years of releveant experince in news industry as well. Want to take your media company to the next level? Look no further than Shahnawaz Sadique, He has been featured in top publications like FoxNews, Yahoo, MSN, WordStream, TastyEdits, LifeWire, SheFinds , Tech.Co and many more. the ultimate digital marketing pro.