IBC24 Chhattisgarh Ki Baat
IBC24 Chhattisgarh Ki Baat : रायपुर : नमस्कार, छत्तीसगढ की बात में स्वागत है आपका, पहले 15 साल सत्ता में, फिर 15 सीटों पर सिमटना, इस बार भाजपा के लिए सत्ता वापसी की राह कतई आसान नहीं है। इसे भांपते हुए पार्टी के केंद्रीय नेताओं ने चुनाव अभियान पर पूरी प्लानिंग के साथ काम शुरू कर दिया है। तारीखों के ऐलान से पहले उम्मीदवारों की सूची जारी होना और अब परिवर्तन यात्रा से सरकार के खिलाफ माहौल बनाना इसी बात का सुबूत है। लेकिन यात्रा के पहले ही दिन कुछ बातें प्लान के मुताबिक नहीं रहीं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ओपनिंग के लिए आना ऐन वक्त पर कैंसिल हो गया, स्मृति ईरानी जगदलपुर तक आईं लेकिन यात्रा में शामिल नहीं हुईं। कांग्रेस इसे पहले ही दिन फ्लॉप शो बता रही है, तो भाजपा कहती है, ये कांग्रेस की बौखलाहट है। परिवर्तन यात्रा के पहले दिन जो कुछ दिखा, उसपर खुलकर होगी बहस..
बीजेपी की ये हुंकार सूबे में सत्ता परिवर्तन के लिए है। बस्तर के दंतेवाड़ा से पार्टी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने परिवर्तन यात्रा की रथ को हरी झंडी दिखाई। पहले इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होने वाले थे। फिर अचानक उनका दौरा रद्द हुआ। उनकी जगह स्मृति ईरानी के परिवर्तन यात्रा में शामिल होने को लेकर बीजेपी ने ट्वीट किया। फिर थोड़ी देर में ही इसे डिलिट भी कर दिया गया। स्मृति ईरानी जगदलपुर पहुंची जरुर, लेकिन परिवर्तन यात्रा में शामिल नहीं हुईं। उधर अमित शाह और स्मृति ईरानी के नहीं आने पर कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया साथ ही पार्टी के सभी दिगग्जों ने कहा कि हमारी परिवर्तन यात्रा की नकल करने से बीजेपी का कुछ होने वाला नहीं है।
बीजेपी की परिवर्तन यात्रा सोलह दिनों में 1728 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। साथ ही हर दिन 110 से 130 किलोमीटर का सफर करते हुए प्रत्येक दिन तीन विधानसभा क्षेत्र को कवर करेगी। बीजेपी ने इससे पहले 2003 में परिवर्तन यात्रा निकाली थी। फिर कांग्रेस ने भी 2013 में निकाली। इस बार फिर से यात्रा की बारी बीजेपी की है। सवाल यही है कि क्या परिवर्तन यात्रा से कितना परिवर्तन होगा..?