रायपुर: Mahtari Vandana Yojana E KYC Kaise Kare छत्तीसगढ़ की महिलाओं को सबल बनाने के लिए शुरू की गई महत्वकांक्षी योजना को लेकर बड़ा अपडेट आया है। दरअसल सरकार ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का E-KYC करवाने का फैसला किया है और अब इस योजना के सभी हितग्राहियों को केवाईसी करवाना होगा। बताया जा रहा है कि आगामी दिनो में इस योजना को 22वीं किश्त जारी की जाएगी, लेकिन इससे पहले हितग्राहियों को केवाईसी करवाना होगा। वहीं, जो हितग्राही केवाईसी नहीं करवाएंगे उनकी अगली किश्त रूक सकती है।
Mahtari Vandana Yojana E KYC Kaise Kare
मिली जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की 69.26 लाख महिलाएं ले रही हैं, लेकिल अग तक कई महिलाओं ने अपना केवाईसी नहीं कराया है। बावजूद इसके उनके खातों में पैसे लगातार ट्रांसफर हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने सभी हितग्राहियों का केवाईसी करवाने का फैसला किया है। पहले चरण में 4.25 महिलाओं का केवाईसी किया जाएगा।
विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसी ‘महतारी’ हितग्राहियों की तलाश करें। उन्हें ई-केवायसी कराने के लिए प्रेरित कर कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) तक लाएं। बता दें कि खाद्य विभाग की ओर से विगत दिनों लोगाें का ई-केवायसी कराया था। विभाग की ओर से इन्हें पात्र मानकर राशि जारी किया जा रहा है। लेकिन, अभी भी 4.25 लाख हितग्राहियों ने ई-केवायसी नहीं कराया है। ई-केवायसी से वंचित हितग्राहियों की सूची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दे दी गई है। सूची से संबंधित क्षेत्र के लिए निर्धारित बीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स-ग्राम स्तरीय उद्यमी) का नाम व मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया है।
इन निर्देशों का करना होगा पालन
हितग्राहियों का ई-केवायसी ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की ओर से चयनित ग्राम पंचायत भवन व शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय में ही होगा।
ई-केवायसी का कार्य सिर्फ सीएससी, बीएलई द्वारा ही किया जाएगा। इनके अधीन कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर नहीं करेंगे।
ई-केवायसी का कार्य पूर्ण रूप से निश्शुल्क है, हितग्राही से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ई-केवायसी शिविर में उपस्थित हितग्राहियों का रजिस्टर तैयार किया जाएगा। इसमें उपस्थित हितग्राहियों की सूची व हस्ताक्षर होगा।
ई-केवायसी के लिए ग्राम स्तर पर मुनादी, वाट्सएप ग्रुप आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
यदि किसी हितग्राही का बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण विफल हो जाता है तो उसे आधार केंद्र जाकर डेटा को अपडेट कराने की सलाह दी जाएगी।
ई-केवायसी असफल होने का करण (जैसे आधार नाम असंगत, फिंगरप्रिंट न मिलना आदि) अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।