PM Narendra Modi on Teejan Bai Dead : देश ने खो दी लोककला की सबसे बुलंद आवाज! तीजन बाई के निधन पर PM मोदी और CM योगी ने जताया शोक

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पंडवानी की महान गायिका तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने उनके निधन को कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 10:02 AM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 10:07 AM IST
HIGHLIGHTS
  • PM मोदी ने तीजन बाई के कला योगदान को याद किया।
  • X पर साझा किया भावुक श्रद्धांजलि संदेश।
  • देशभर के नेताओं और कलाकारों ने जताया शोक।

नई दिल्ली / रायपुर : PM Narendra Modi Tribute Teejan Bai 2026 :  सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। छत्तीसगढ़ की लोक कला को वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान दिलाने वाली इस महान विभूति के चले जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

x पर जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में तीजन बाई के कला के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने लिखा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति को न सिर्फ जीवित रखा, बल्कि उसे पूरी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। पीएम मोदी ने आगे कहा कि उनका जाना देश के कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता है।

परिवार और उनके प्रशंसकों प्रति गहरी संवेदना

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने तीजन बाई के परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने लिखा, “शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं।” तीजन बाई का जाना कला जगत के एक सुनहरे अध्याय का अंत है।

सीएम योगी ने भी जताया शोक

CM Yogi Adityanath Condolence Pandavani Singer आपको बता दें की पीएम मोदी के साथ ही उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने भी तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म x पर लिखा की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका, ‘पद्म विभूषण’ डॉ. तीजन बाई जी का निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा ‘पंडवानी’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। भारतीय लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

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