Home » Chhattisgarh » Raipur Child Rape Case Update: After Durg, brutality in Raipur too
Raipur Child Rape Case Update: दुर्ग के बाद रायपुर में भी हैवानियत! 13 साल के नाबालिग ने खेलने के बहाने सुनसान जगह पर मासूम बच्ची से की दरिंदगी, FIR के बाद आरोपी गिरफ्तार
Ads
दुर्ग के बाद रायपुर में भी हैवानियत...Raipur Child Rape Case Update: After Durg, brutality in Raipur too! Neighbor minor raped innocent child
रायपुर: Raipur Child Rape Case Update: दुर्ग जिले में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात के बाद अब राजधानी रायपुर से भी एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां चंद्रशेखर नगर इलाके में एक 3 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोस में रहने वाले 13 साल के नाबालिग द्वारा दुष्कर्म करने का आरोप लगा है।
Raipur Child Rape Case Update: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देर शाम मासूम बच्ची अपने घर के बाहर थी तभी आरोपी नाबालिग उससे बातचीत करने लगा और खेलने के बहाने पास ही एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने 3 साल की मासूम बच्ची के साथ जबरदस्ती कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
Raipur Child Rape Case Update: घटना के बाद साहस जुटाकर 3 साल की मासूम बच्ची ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद मां-बेटी ने पंडरी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज कर साल की मासूम बच्ची को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
Raipur Child Rape Case Update: थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी 13 साल के नाबालिग को अभिरक्षा में ले लिया गया है और उसे मंगलवार को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाई जा रही है।
दुष्कर्म की शिकायत सीधे नजदीकी थाना (जैसे पंडरी थाना) में जाकर दर्ज की जा सकती है। 112 या 1098 हेल्पलाइन नंबरों से भी मदद ली जा सकती है।
"नाबालिग आरोपी" के साथ क्या कानूनी प्रक्रिया होती है?
13 साल का आरोपी जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अंतर्गत आता है। ऐसे मामलों में उसे बाल न्यायालय में पेश किया जाता है। जघन्य अपराधों में विशेष जांच और उपचारात्मक कार्रवाई की जाती है।
"बच्चों के खिलाफ यौन अपराध" की सूचना देने के लिए क्या विकल्प हैं?
आप POCSO एक्ट के तहत सीधे थाने, चाइल्डलाइन (1098), या महिला और बाल विकास विभाग की वेबसाइट के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
"पीड़िता की पहचान" को कैसे गोपनीय रखा जाता है?
भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी यौन हिंसा की पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। मीडिया या सोशल मीडिया पर नाम, फोटो, या पहचान साझा करना सख्त वर्जित है।
"रेप पीड़िता को मिलने वाली मदद" में क्या शामिल है?
पीड़िता को सरकार द्वारा मेडिकल उपचार, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, कानूनी सहायता, और वित्तीय मुआवज़ा प्रदान किया जाता है।