शह मात The Big Debate: ‘डबल इंजन Vs कांग्रेस हाईकमान’! हल्लाबोल का नया अभियान, क्या जिला अध्यक्षों को सीधा कंट्रोल करेगा शीर्ष नेतृत्व?

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'डबल इंजन Vs कांग्रेस हाईकमान'! हल्लाबोल का नया अभियान, क्या जिला अध्यक्षों को सीधा कंट्रोल करेगा शीर्ष नेतृत्व? New District Presidents Training in Delhi, Read

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 11:45 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 12:07 AM IST

Congress President Appointment News || Image- IBC24 News File Image

रायपुरः New District Presidents Training in Delhi कांग्रेस हाईकमान आज अपने नए जिलाध्यक्षों को दिल्ली में ट्रेनिंग दे रही है। इसका मकसद बीजेपी सरकार के खिलाफ रणनीति तैयार करना है, जिसमें पार्टी कल्चर, संगठन प्रबंधन, मीडिया और सोशल मीडिया रणनीति पर फोकस है। इस ट्रेनिंग की खास बात ये रही है कि इसमें केवल बड़े नेताओं ने भाषण भर नहीं दिया, बल्कि वन टू वन संवाद भी हुआ। राहुल गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और खरगे से लेकर केसी वेणुगोपाल हर किसी ने कांग्रेस जिलाध्यक्षों को रिचार्ज किया, हालांकि सरकार में बैठी बीजेपी ने कांग्रेस की ट्रेनिंग पर तंज कसा, लेकिन सवाल ये है कि दिल्ली में हुई ट्रेनिंग के बाद क्या कांग्रेस अपनी गुटबाजी, खेमेबाजी और आपसी मतभेद भुलाकर सरकार को घेर पाएगी? और जनता के मुद्दों पर सरकार से लोहा ले पाएगी?

New District Presidents Training in Delhi कांग्रेस ने संगठन सृजन के तहत चुने गए अपने जिला अध्यक्षों की एक वेलकम मीटिंग दिल्ली में रखी है। इस मीटिंग के जरिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अपने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को उनके अधिकार की जानकारी दी। इसके अलावा भाजपा की डबल इंजन की सरकार से जनता के नाराजगी को भुनाते हुए सरकार के खिलाफ चौतरफा अभियान खोलने का गुरुमंत्र दिया। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रभारी सचिन पायलट सभी प्रभारी सचिव, पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी विशेष रूप से मौजूद थे।

पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने कहा कि कांग्रेस ने संगठन सृजन के तहत चुने गए अपने जिला अध्यक्षों को बहुत से अधिकार दिए हैं। आज राहुल गांधी और खरगे जी ने इसको लेकर जिला अध्यक्षों से चर्चा की और उन्हें बताया कि किस तरह से भाजपा की डबल इंजन की सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने हैं और मोर्चे खोलने है। इस पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की टक्कर में कोई नहीं, इसका काम बोल रहा है। साय सरकार का 2 साल बेमिसाल रहा है। ये अपने जिला अध्यक्षों को क्या सिखाएंगे? इनके बड़े-बड़े नेता संसद में कैसे बोलते है?

बीजेपी ने तंज कसा तो टीएस सिंहदेव ने भी जवाब देते हुए कहा कि आखिर कांग्रेस की ट्रेनिंग से बीजेपी क्यों डरी हुई है? अब देखना ये होगा कि कांग्रेस हाई कमान के गुरु मंत्र का जिला अध्यक्षों की नई टीम में कितना उपयोग कर पाती है। नए जिला अध्यक्ष क्या खुलकर डबल इंजन की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल पाते हैं या फिर हाईकमांड का रिमोट कंट्रोल बनकर रह जाते हैं।

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