रायपुर: Raipur Crime News: वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर लगाम कसते हुए रायपुर वन विभाग और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विधानसभा रोड पर हिरण की खाल और सींग बेचने की फिराक में निकले तीन तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
Raipur Crime News: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रायपुर निवासी आनंद श्रीवास्तव, पीपरछेड़ी निवासी भागीरथी, और तुला राम पटेल के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी हिरण के अवशेषों, खाल और सींग को अवैध रूप से बेचने की कोशिश कर रहे थे।
Raipur Crime News: सूचना मिलते ही रायपुर रेंज ऑफिस और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से कार्रवाई की और विधानसभा रोड पर घेराबंदी कर तस्करों को हिरण के अवशेषों के साथ पकड़ा। बरामद की गई सामग्री को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित माना जाता है।
वन्यजीव तस्करी का मतलब है जानवरों, उनके अंगों या अवशेषों (जैसे खाल, सींग, हड्डियाँ) का अवैध तरीके से शिकार और व्यापार करना, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के खिलाफ होता है।
हिरण की खाल और सींग की "वन्यजीव तस्करी" में क्या सज़ा होती है?
भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत दोषियों को 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
क्या "वन्यजीव तस्करी" रोकने के लिए कोई विशेष टीम होती है?
हाँ, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता (Flying Squad) और वन विभाग की संयुक्त टीमें वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए गठित की जाती हैं।
क्या आम नागरिक "वन्यजीव तस्करी" की सूचना दे सकते हैं?
बिलकुल। कोई भी नागरिक अगर ऐसी संदिग्ध गतिविधि देखता है, तो वन विभाग या स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दे सकता है।
रायपुर की इस ताजा कार्रवाई में क्या बरामद किया गया?
विधानसभा रोड से हिरण की खाल, सींग और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं जिन्हें बेचने की फिराक में आरोपी थे।