Reported By: Tehseen Zaidi
,Raipur Digital Arrest Latest Case || Image- IBC24 News Archive
रायपुर: राजधानी समेत पूरे छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को डराने और भ्रमित करने के बाद बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। (Raipur Digital Arrest Latest Case) ताजा मामला रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां 74 वर्षीय सेवानिवृत्त वेटनरी डॉक्टर को साइबर ठगों ने करीब 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 1 करोड़ 28 लाख रुपये की ठगी कर ली।
एफआईआर के अनुसार, सी-129 स्वर्णभूमि निवासी स्वप्न कुमार सेन के पास कुछ दिन पहले एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और दावा किया कि स्वप्न कुमार सेन के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड के जरिए कई लोगों से धोखाधड़ी की गई है, जिसके चलते उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ठगों ने एफआईआर की कथित कॉपी भी भेजी और बैंक खातों की जांच, गिरफ्तारी तथा जेल भेजे जाने का डर दिखाकर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया।
साइबर ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा और पीड़ित को किसी से बात न करने, घर से बाहर न निकलने और पुलिस या परिजनों से संपर्क न करने के निर्देश दिए। इसी मानसिक दबाव की स्थिति को डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। ठगों ने जांच में सहयोग के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा। (Raipur Digital Arrest Latest Case) डर और तनाव में आए स्वप्न कुमार सेन ने उनके बताए खातों में कुल 1 करोड़ 28 लाख रुपये जमा कर दिए। करीब 10 दिनों बाद जब ठगों का संपर्क पूरी तरह बंद हो गया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद स्वप्न कुमार सेन ने विधानसभा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेंज साइबर थाना की टीम कॉल डिटेल्स, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता और यह साइबर ठगी का नया तरीका है। लोगों से अपील की गई है कि इस तरह की कॉल, गिरफ्तारी की धमकी या पैसों की मांग मिलने पर तुरंत सतर्क रहें और पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।