sai cabinet/ image source: IBC24
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित होने जा रही है। Sai Cabinet Baithak में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है, जिस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, Sai Cabinet Baithak में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो राजधानी रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल किया जा सकता है। इससे राजधानी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
Sai Cabinet Baithak में अगर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने पर मुहर लगतीहै इससे पुलिस प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने और अपराध नियंत्रण में अधिक अधिकार मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेटी शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।
Sai Cabinet Baithak में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा सकती है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अभिभाषण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके अलावा Sai Cabinet Baithak में धान खरीदी, धान के उठाव और स्टॉक मिलान में सामने आ रही गड़बड़ियों की भी समीक्षा की जाएगी। हाल के दिनों में धान खरीदी से जुड़े मामलों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। कैबिनेट इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दे सकती है। इससे किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
Sai Cabinet Baithak में अन्य विभागीय प्रस्तावों पर भी अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। इनमें विकास योजनाएं, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय स्वीकृतियां और जनहित से जुड़े निर्णय शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री साय की सरकार के गठन के बाद यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें राजधानी की पुलिस व्यवस्था से लेकर कृषि और प्रशासनिक विषयों पर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।