विदेश जाने के शौकीनों को बड़ा झटका! भारतीयों को नहीं मिल पा रहा वीजा, सामने आई चौंकाने वाली वजह

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Visa Rejection News: दुनिया घूमने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए इन दिनों एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।

  • Reported By: Star Jain

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 09:01 PM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 12:06 AM IST

Visa Rejection News/image source: IBC24

Visa Rejection News: रायपुर: दुनिया घूमने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए इन दिनों एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। विदेशों के लिए ‘वीजा’ मिलना अब लॉटरी जीतने जैसा हो गया है। हैरानी की बात यह है कि एक साथ आवेदन करने वाले परिवारों और समूहों में से कुछ का वीजा तो आ रहा है, लेकिन अपनों का ही वीजा रिजेक्ट हो रहा है। इस ‘वीजा संकट’ की वजह से विदेशी पर्यटन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। क्या है इसके पीछे की वजह? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।

वीजा रिजेक्शन रेट पिछले 1-2 साल में 20-30% बढ़ गया है

छुट्टियों का सीजन है, सूटकेस पैक हैं, लेकिन फ्लाइट की टिकट होने के बावजूद हजारों यात्री घरों में बैठने को मजबूर हैं। वजह है, वीजा की अनिश्चितता। पिछले कुछ महीनों में वीजा रिजेक्शन की दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिसने टूर एंड ट्रेवल्स इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। पिछले एक दो सालो में विजा रिजेक्शन रेट में 20 से 30% की वृद्धि देखने को मिल रही है ।

ग्रुप ट्रैवलिंग में परिवार के कुछ सदस्य का वीजा रिजेक्ट

Visa Rejection News: सबसे अजीब स्थिति ‘ग्रुप ट्रैवलिंग’ में देखने को मिल रही है। अगर एक ही परिवार के चार सदस्य आवेदन करते हैं, तो दूतावास दो का वीजा अप्रूव कर रहा है और बाकी दो को रिजेक्ट। ऐसे में पूरा परिवार अपनी ट्रिप कैंसिल करने को मजबूर है। न होटल का पैसा वापस मिल रहा है और न ही फ्लाइट का।

अमेरिका के लिए वेटिंग पीरियड महीनों तक बढ़ गया

ये हम नहीं कह रहे है..बल्की यात्री खुद बता रहे है । टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक यूरोपीय देशों (Schengen) और अमेरिका जैसे देशों के लिए वेटिंग पीरियड महीनों तक बढ़ गया है। दूतावासों में स्टाफ की कमी और सुरक्षा जांच के कड़े नियमों को इसका जिम्मेदार बताया जा रहा है। इसका सीधा असर पर्यटन क्षेत्र पर पड़ रहा है। लोग अब उन देशों का रुख कर रहे हैं जहाँ ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सुविधा है, लेकिन इससे टूर ऑपरेटरों को करोड़ों का घाटा हो रहा है।

तनमय व्यास, ट्रैवल एजेंट पर्यटन विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड संकट के बाद बड़ी मुश्किल से पर्यटन इंडस्ट्री पटरी पर लौटी थी । लेकिन जिस तरह से वीजा रिजेक्शन के मामले बढ़ रहे है । या फिर अप्रूव होने में समय लग रहा है, इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार फिर से बेपटरी हो सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो उसे दोबारा उबरन में लंबा वक्त लग सकता है।

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भारतीयों के लिए विदेश यात्रा में क्या बड़ी समस्या आई है?

विदेशों के लिए वीजा अनिश्चितता और रिजेक्शन की वजह से हजारों यात्री अपनी ट्रिप कैंसिल करने को मजबूर हैं।

वीजा रिजेक्शन की दर कितनी बढ़ गई है?

पिछले 1-2 साल में वीजा रिजेक्शन रेट में 20-30% की वृद्धि हुई है।

किस तरह की स्थिति सबसे अधिक परेशान कर रही है?

ग्रुप ट्रैवलिंग में अगर एक परिवार के चार सदस्य आवेदन करते हैं, तो दो का वीजा अप्रूव और दो का रिजेक्ट हो जाता है, जिससे पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ती है।