Tiger Reserve in Chhattisgarh Closed from Today: अचानकमार टाइगर रिजर्व सहित छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यारण्य आज से बंद, पर्यटक नहीं कर सकेंगे वन्य प्राणियों का दीदार

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Tiger Reserve in Chhattisgarh Closed from Today: अचानकमार टाइगर रिजर्व सहित छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यारण्य आज से बंद, पर्यटक नहीं कर सकेंगे वन्य प्राणियों का दीदार

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 09:22 AM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 09:23 AM IST

Tiger Reserve in Chhattisgarh Closed from Today: अचानकमार टाइगर रिजर्व सहित छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यारण्य आज से बंद, पर्यटक नहीं कर सकेंगे वन्य प्राणियों का दीदार / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 15 जून से 1 अक्टूबर 2026 तक सभी टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद
  • प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया
  • 2 अक्टूबर 2026 से वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर खोले जाएंगे अभ्यारण्य

रायपुर: Tiger reserve in Chhattisgarh Closed from Today मानसून के आगमन और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए, हर साल की तरह इस वर्ष भी देश के अधिकांश टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में जंगल सफारी 15 जून से 1 अक्टूबर तक साढ़े 3 महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई है । पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडेय ने बताया, हर साल मानसून के पहले टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्यों को बंद कर दिया जाता है।

टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्यों को बंद करने का आदेश

Tiger reserve in Chhattisgarh Closed from Today छत्तीसगढ़ में प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा तथा उनके प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) और वन्यजीव अभयारण्यों को आज (15 जून) से पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मानसून के आगमन के साथ ही जंगलों में पर्यटन गतिविधियों पर यह अस्थायी रोक आगामी 1 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 से जंगल सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू की जाएंगी।

वन विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, इस रोक के पीछे दो मुख्य कारण हैं। वर्षा ऋतु के दौरान जंगलों के भीतर स्थित कच्चे मार्ग और सफारी ट्रैक बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। लगातार बारिश से नदी-नालों में उफान और रास्तों में जलभराव के कारण आवागमन बेहद कठिन और जोखिम भरा हो जाता है। मानसून का समय वन्यप्राणियों के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है। यह अवधि अधिकांश वन्य प्रजातियों के प्रजनन और उनके शावकों के पालन-पोषण का समय होती है। इस दौरान इंसानी दखल को रोककर वन्यजीवों को एक शांत और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।

ये प्रमुख पर्यटन स्थल रहेंगे बंद

अगले साढ़े तीन महीनों के लिए प्रदेश के इन प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिनमें अचानकमार टाइगर रिजर्व, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, प्रदेश के अन्य सभी अधिसूचित अभयारण्य और संरक्षित वन क्षेत्र शामिल हैं।

बंद के दौरान वन विभाग चलाएगा विशेष अभियान

पर्यटकों के लिए प्रवेश बंद रहने के दौरान वन विभाग शांत बैठेने के बजाय जंगलों के भीतर कई महत्वपूर्ण कार्य संपादित करेगा। अवैध शिकार को रोकने के लिए गश्त तेज की जाएगी और वन्यजीवों की क्लोज मॉनिटरिंग होगी। जंगलों के भीतर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा। आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सफारी मार्गों, ट्रैकों और रिसॉर्ट्स की मरम्मत व रखरखाव किया जाएगा, ताकि 2 अक्टूबर से पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिल सके।

वन्यजीव संरक्षण हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता

वन विभाग का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर साल हजारों पर्यटक छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों का भ्रमण करते हैं, लेकिन मानसून ब्रेक इस अनुभव को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और सतत पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भले ही यह कुछ महीनों का इंतजार है, लेकिन पारिस्थितिकी संतुलन और वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से मानसून का यह ग्रीन ब्रेक बेहद जरूरी और सराहनीय कदम माना जा रहा है। आगामी 2 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ के जंगल एक बार फिर नए रोमांच के साथ सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार होंगे।

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छत्तीसगढ़ में जंगल सफारी कब से बंद की गई है?

राज्य के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों को 15 जून 2026 से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

जंगल सफारी कब तक बंद रहेगी?

यह प्रतिबंध 1 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 से सफारी दोबारा शुरू की जाएगी।

सफारी बंद करने का मुख्य कारण क्या है?

मानसून के दौरान खराब सड़कें, जलभराव और वन्यजीवों का प्रजनन काल इस फैसले के प्रमुख कारण हैं।

किन प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा?

अचानकमार टाइगर रिजर्व, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान समेत सभी संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश बंद रहेगा।

बंद अवधि में वन विभाग क्या करेगा?

वन विभाग अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, जल स्रोत संरक्षण और सफारी मार्गों की मरम्मत जैसे कार्य करेगा।

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