देखिए रायपुर उत्तर के विधायकजी का रिपोर्ट कार्ड, क्या कहता है जनता का मूड मीटर

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देखिए रायपुर उत्तर के विधायकजी का रिपोर्ट कार्ड, क्या कहता है जनता का मूड मीटर

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  • Publish Date - October 9, 2018 / 02:00 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

रायपुर। विधायकजी के रिपोर्ट कार्ड में आज बारी है छत्तीसगढ़ के रायपुर उत्तर विधानसभा सीट कीरायपुर उत्तर विधानसभा रायपुर जिले की बेहद अहम विधानसभा सीट है, जहां राजधानी रायपुर की चकाचौंध भी नजर आती है तो कई ऐसे इलाके भी हैं जहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। फिलहाल सीट पर बीजेपी के श्रीचंद सुंदरानी विधायक हैंजाहिर है उनके लिए मिशन 2018 की जंग मुश्किल होने वाली हैहालांकि उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में 500 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य हुए हैंऐसे में जनता उनपर एक बार फिर भरोसा जताएगी। 

राजधानी रायपुर की उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विकास को लेकर कितना विरोधाभास है, इसे ऐसे समझा जा सकता है कि एक तरफ मरीन ड्राइव, कटोरा तालाब और गौरव पथ जैसे चमचमाते हुए इलाके नजर आते हैं, जो रायपुर की एक अलग छवि बनाते हैं तो दूसरी ओर यहां कई ऐसे इलाके हैं, जो आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैंऐसा ही एक इलाका है वाल्मिकी नगरराजधानी का ये इलाका आज भी विकास की बाट जोह रहा है, जहां आज भी नलों से पानी नहीं आता है और जहां पानी आता भी है तो इतना गंदा कि जिसे पीने के बाद लोगों को पीलिया जैसे बीमारी हो रही है हैं कई वार्डों में नालियों का निर्माण नहीं हुआ हैलिहाजा गलियों में नाली का पानीरा हुआ जिसकी बदबू से लोग हलाकान है। कुछ ऐसा ही हाल काशीराम नगर का भी है जहां हर साल बारिश में घरों में पानी घुस जाता हैस्थानीय लोगों के मुताबिक नालियों के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है।

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इसके अलावा भी कई ऐसे इलाके हैंजहां रहने वाले लोगों की नाराजगी बीजेपी विधायक के लिए परेशानी का सबब बन सकता हैरायपुर उत्तर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले देवेन्द्र नगर और त्रिमूर्ति नगर में रहने वाली 50 हजार से ज्यादा आबादी पानी के लिए सालों भर परेशान रहती है। यहां के लोगों को पानी के लिए एक किलोमीटर आना पड़ता है। सुबह से शाम तक इस चौक में भीड़ हर वक्त कुछ ऐसे ही नजर आती है। इसके चलते कई बार ट्रैफिक जाम और दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार नल कनेक्शन में पानी आता ही नहीं। 19 एकड़ में फैले राजातालाब में अतिक्रमण का मुद्दा भी यहां बड़ा चुनावी मुद्दा है दरअसल अतिक्रमण के चलते ये तालाब 10 एकड़ में सिमट कर रह गया है। वहीं पानी के मटमैला और बदबूदार होने की वजह से आसपास के लोग इस तालाब का उपयोग करना ही छोड़ दिए है।

जाहिर है चुनावी माहौल है तो विपक्ष इन मुद्दों को लेकर बीजेपी विधायक श्रीचंद सुंदरानी को जिम्मेदार बता रही हैकांग्रेस का सीधा आरोप है कि बीजेपी विधायक ने 5 साल केवल चैम्बर ऑफ कॉमर्स और सिंधी समाज की राजनीति में व्यतीत कर दिए। हालांकि इन आरोपों पर श्रीचंद सुंदरानी का कहना है कि कांग्रेस का काम ही आरोप लगाना है। इसलिए तो राज्य में 15 साल तक सत्ता में नहीं लौट पा। जाहिर है रायपुर उत्तर में मुद्दों की कमी नहीं हैजहां बीजेपी विधायक के पास अपनी उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है तो कांग्रेस के पास आरोपों का पिटाराकुल मिलाकर आने वाले चुनाव में राजधानी रायपुर की इस अहम सीट पर जोरदार सियासी घमासान देखने को मिल सकता है

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सीट के सियासी मिजाज की बात करें तो 2008 में अस्तित्व में आने के बाद अब तक यहां दो विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें एक बार कांग्रेस तो एक बार बीजेपी ने बाजी मारीराजधानी के बीचोबीच होने के कारण यहां राजनीतिक हलचल हर वक्त नजर आती हैआगामी चुनाव को लेकर भी यहां सबकी निगाहें टिकी हैजाति समीकरण की बात करें तो सिंधी, मुस्लिम और उत्कल वोटर्स यहां बड़ी सियासी ताकत हैं

चुनाव तारीखों के लान के साथ ही बीजेपी विधायक श्रीचंद सुंदरानी की व्यस्तता बढ़ गई हैजनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराना हो या उनकी परेशानियों को सुनकर उनका निराकरण करनाबीजेपी विधायक काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं वैसे उनकी इस मेहनत की वजह समझी जा सकती हैरायपुर उत्तर के मुद्दों से निपट पाना आसान काम नहीं हैश्रीचंद सुंदरानी 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सीटिंग एमएलए कुलदीप जुनेजा को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थेइससे पहले कुलदीप जुनेजा 2008 में बीजेपी प्रत्याशी सच्चिदानंद उपासने को मात देकर विधायक चुने गए थे। 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस विधानसभा क्षेत्र में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, देवेन्द्र नगर, फाफडीह, रेलवे स्टेशन वार्ड, तेलीबांधा, तात्यापारा, मौदहापारा, राजातालाब, सिविल लाइन, शंकरनगर समेत कुल नगर निगम की 21 वार्ड शामिल हैं।

रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आगामी 20 नवंबर को वोटिंग होगी इसके साथ ही यहां सियासी पारा चढ़ने लगा हैबीजेपी-कांग्रेस दोनों ही यहां ताल ठोंक रहे हैंहालांकि इस बार दोनों को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से भी कड़ी चुनौती मिलनी तय है।

रायपुर उत्तर विधानसभा में जातिगत समीकरणों की बात करें तो 1 लाख 80 हजार वोटर्स वाले इस इलाके में सिंधी, मुस्लिम और उत्कल मतदाता निर्णायक भूमिका में हैंइनमें सबसे ज्यादा मुस्लिम 25 हजार वोटरदूसरे नंबर पर उत्कल 22 हजार और सिंधी वोटर 20 हजार हैं। इसके अलावा 15 हजार साहू, यादव-सतनामी 30 हजार और सिख-गुजराती वोटर्स की संख्या 10 हजार से अधिक है। रायपुर उत्तर में नतीजों की बात करें तो एक बार सिख समाज से कांग्रेस के कुलदीप जुनेजा और एक बार सिंधी समाज से बीजेपी के श्रीचंद सुंदरानी विधानसभा पहुंचे। कुल मिलाकर रायपुर उत्तर में कांग्रेस और बीजेपी एक-एक की बराबरी पर हैंदोनों सियासी दल इस एक दूसरे पर बढ़त बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में यानी 20 नवंबर को रायपुर उत्तर विधानसभा में चुनाव होने है। चुनाव से पहले बीजेपी-कांग्रेस में विधायक उम्मीदवार जबरदरस्त माथापच्ची हो रही है। दरअसल दोनों सियासी दलों में टिकट के लिए आधा दर्जन से अधिक नाम सामने आए हैं। ऐसे में पार्टी हाईकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वो सही कैंडिडेट को टिकट देराजधानी रायुपर की बाकी विधानसभा सीटों के मुकाबले उत्तर में इस बार दावेदारों की भीड़ ज्यादा है कांग्रेस, बीजेपी सहित जेसीसीजे के कई  नेता यहां टिकट के लिए जोर लगाते नजर आ रहे हैं

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बीजेपी की बात करें तो सीटिंग एमएलए होने के कारण श्रीचंद सुंदरानी टिकट के स्वाभाविक दावेदार हैं.. उन्हें अपने 5 साल के कार्यकाल और पार्टी हाईकमान पर भरोसा है कि टिकट उन्हें ही मिलेगी। मौजूदा विधायक के अलावा बीजेपी से कई नेता भी इस बार रायपुर उत्तर से अपनी दावेदारी कर रहे हैंइस लिस्ट में इसमें सबसे पहला नाम रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर सुनील सोनी का हैइसके अलावा  रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष केदार गुप्ता भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि स्वाभाविक रुप से एक पार्टी का कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की इच्छा अपने नेताओं के समक्ष कर सकता है पार्टी जिनको भी टिकट देगी हम उनका समर्थन करेंगे।

इधर कांग्रेस में भी आधा दर्जन से अधिक नेता इस सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा पार्टी हाईकमान से जता चुके हैं। कांग्रेस से पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा एक बार फिर टिकट के लिए जोर लगा रहे हैंउनका कहना है कि पिछली बार वो बेहद कम मार्जिन से हारे थेइसलिए उन्हें भरोसा है कि पार्टी उनपर एक बार फिर भरोसा जताएगी। रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे भी इस बार कांग्रेस से टिकट की रेस में शामिल हैंउनका कहना है कि बीजेपी के वर्तमान विधायक ने कोई विकास नहीं किया। इसलिए इस बार यहां से कांग्रेस की जीत होगी। इसके अलावा रायपुर नगर निगम में पार्षद और युवा कांग्रेस नेता अजीत कुकरेजा, वरिष्ठ नेता रमेश वर्ल्यानी और महेन्द्र छाबड़ा ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। बीजेपी-कांग्रेस के अलावा रायपुर उत्तर में इस बार जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी मैदान में हैपार्टी से अमर गिदवानी और नितिन भंसाली के रूप में दो नाम सामने आए है। दोनों का कहना है कि आज तक शहर में कोई विकास नहीं किया। इसलिए इस बार उत्तर विधानसभा से जेसीसीजे की जीत होगी। जाहिर है, जिस तरह से रायपुर उत्तर में सभी पार्टियों से उम्मीदवारों के नाम आए है। उससे स्पष्ट है कि इस साल के विधानसभा चुनाव में गहमागहमी रहेगी। अब देखना होगा कि इस गहमागहमी के बीच बाजी कौन मारता है।

वेब डेस्क, IBC24