Rambhadracharya on Charandas Mahant: ‘मेरे जगतगुरु होने का पूर्ण परीक्षण कर ले महंत’.. रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष को दी खुली चुनौती, जानिए क्या है दोनों के बीच विवाद की वजह?

'मेरे जगतगुरु होने का पूर्ण परीक्षण कर ले महंत'.. रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष को दी खुली चुनौती, Rambhadracharya on Charandas Mahant

Rambhadracharya on Charandas Mahant: ‘मेरे जगतगुरु होने का पूर्ण परीक्षण कर ले महंत’.. रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष को दी खुली चुनौती, जानिए क्या है दोनों के बीच विवाद की वजह?
Modified Date: May 26, 2026 / 12:06 am IST
Published Date: May 25, 2026 11:51 pm IST

मनेंद्रगढ़ः Rambhadracharya on Charandas Mahant चिरमिरी में रामकथा के लिए पहुंचे जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। व्यास गद्दी से संबोधित करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि वह यूं ही जगतगुरु नहीं बने हैं और उनके ज्ञान एवं योग्यता का पूरा परीक्षण कराया जा सकता है। रामभद्राचार्य ने कहा कि वह 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं और जगतगुरु बनने के लिए आवश्यक सभी मानकों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि “मेरे जगतगुरु होने का पूर्ण परीक्षण कर लें महंत। जगतगुरु बनने के लिए तीन ग्रंथों पर भाष्य लिखना अनिवार्य होता है और सभी अखाड़े इसका समर्थन करते हैं।”

Rambhadracharya on Charandas Mahant उन्होंने चरणदास महंत के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संतों के बारे में किस प्रकार बात करनी चाहिए, इसका सामान्य ज्ञान तक कुछ लोगों को नहीं है। उन्होंने कहा कि “इनको मिर्ची लग रही है, लेकिन जो रामजी से प्रेम करेगा उसे मेरा आशीर्वाद मिलेगा।” दरअसल, इससे पहले चरणदास महंत ने रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए कहा था कि वह उन्हें जगतगुरु नहीं मानते। महंत के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई थी। अब रामभद्राचार्य के पलटवार के बाद यह विवाद और अधिक गहरा गया है। रामकथा कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चा होती रही।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।