CG Vidhan Sabha Latest News: ‘तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं’.. अविश्वास प्रस्ताव पर इस मंत्री का दिखा शायराना अंदाज, स्पीकर ने ली चुटकी तो ठहाको से गूंजा सदन

'तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं'.. अविश्वास प्रस्ताव पर इस मंत्री का दिखा शायराना अंदाज, Ramvichar Netam in Chhattishgarh Vidhan Sabha

CG Vidhan Sabha Latest News: ‘तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं’.. अविश्वास प्रस्ताव पर इस मंत्री का दिखा शायराना अंदाज, स्पीकर ने ली चुटकी तो ठहाको से गूंजा सदन
Modified Date: July 17, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:46 pm IST

रायपुर। CG Vidhan Sabha Latest News छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ शायरियों का भी रंग देखने को मिला। करीब आठ घंटे तक चली बहस के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रामविचार नेताम ने अपने शायराना अंदाज से सदन का ध्यान आकर्षित किया।

CG Vidhan Sabha Latest News चर्चा के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “हमने औरों की भी फिक्र की, तुम अपनों से भी न निभा सके।” इसके बाद उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, “मैं तो रास्ते से जा रहा था, भेलपुरी खा रहा था… तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं।” उनकी इस टिप्पणी पर सदन में मुस्कुराहट और ठहाके गूंज उठे। नेताम ने आगे एक और शायरी सुनाते हुए कहा कि दोस्ती तुम्हारे बस की नहीं, कम से कम दुश्मनी तो निभा लेते, सौ झूठ बोला तुमने, एक सच तो बता देते।” उनके इन तंज भरे अंदाज ने सदन की गंभीर चर्चा के बीच माहौल को हल्का कर दिया।

मंत्री की शायरियां सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “दिल्ली में कितने दिन रहकर आए हैं?” अध्यक्ष की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच ठहाके गूंज उठे। गौरतलब है कि कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा जारी रही।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।