Bilaspur News: सबूत के बिना जीवनसाथी पर अफेयर के आरोप लगाना मानसिक क्रूरता, हाईकोर्ट ने मंजूर की डॉक्टर पति की तलाक अर्जी

Sarangarh doctor couple divorce : मामला सारंगढ़ निवासी एक डॉक्टर का है, जिनका विवाह साल 2008 में भिलाई की रहने वाली एक महिला डॉक्टर से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई।

Bilaspur News: सबूत के बिना जीवनसाथी पर अफेयर के आरोप लगाना मानसिक क्रूरता, हाईकोर्ट ने मंजूर की डॉक्टर पति की तलाक अर्जी
Modified Date: January 10, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: January 10, 2026 10:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पति का संबंध एक अन्य महिला डॉक्टर से होने का आरोप
  • पत्नी द्वारा पति पर बिना आधार के अवैध संबंधों का आरोप लगाना क्रूरता : हाईकोर्ट
  • पत्नी को 25 लाख रुपये का एकमुश्त गुजारा भत्ता

Bilaspur News: हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच ने तलाक के एक मामले में कहा कि पक्के सबूत के बिना जीवनसाथी पर अफेयर (चरित्र शंका) के गंभीर आरोप लगाना मानसिक क्रूरता है। हाई कोर्ट ने डॉक्टर की पत्नी के लगाए आरोपों को बेबुनियाद माना। साथ ही पति की तलाक की याचिका भी मंजूर कर ली। (Sarangarh doctor couple divorce ) डॉक्टर पत्नी को गुजारा भत्ता के तौर पर 25 लाख देने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और एके प्रसाद की डिवीजन बैंच में हुई।

मामला सारंगढ़ निवासी एक डॉक्टर का है, जिनका विवाह साल 2008 में भिलाई की रहने वाली एक महिला डॉक्टर से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई। (Sarangarh doctor couple divorce ) पति का आरोप था कि पत्नी छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी, मांग में सिंदूर और मंगलसूत्र पहनने से इनकार करती थी और उस पर लगातार चरित्रहीन होने के झूठे आरोप लगाती थी।

पति का संबंध एक अन्य महिला डॉक्टर से होने का आरोप

पति ने पहले दुर्ग के फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए आवेदन किया था, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। (Sarangarh doctor couple divorce ) सुनवाई के दौरान पता चला कि पत्नी ने लिखित बयान में पति का संबंध एक अन्य महिला डॉक्टर से होने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसे वह साबित नहीं कर पाई।

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पत्नी द्वारा पति पर बिना आधार के अवैध संबंधों का आरोप लगाना क्रूरता : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा एक शिक्षित पत्नी द्वारा पति पर बिना आधार के अवैध संबंधों का आरोप लगाना क्रूरता का सबसे वीभत्स रूप है।(Sarangarh doctor couple divorce ) पत्नी पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में नाकाम रही, जिससे पति को भारी मानसिक वेदना झेलनी पड़ी। कोर्ट ने पाया कि अप्रैल 2019 में दोनों साथ में फिल्म देखने गए थे, इसलिए केवल अलग रहने के आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता था, लेकिन ‘क्रूरता’ के आधार पर तलाक जायज है।

पत्नी को 25 लाख रुपये का एकमुश्त गुजारा भत्ता

अदालत ने तलाक की डिक्री मंजूर करते हुए पति को आदेश दिया है कि वह अपनी पत्नी को 25 लाख रुपये का एकमुश्त गुजारा भत्ता दे। चूंकि दोनों ही पेशे से डॉक्टर हैं और आर्थिक रूप से सक्षम हैं, फिर भी बेटी की परवरिश और भविष्य की कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए कोर्ट ने यह राशि 6 महीने के भीतर देने कहा है।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com