शहमात The Big Debate: अब UCC की बारी.. शुरु हुई तैयारी, विपक्ष ने बताया आदिवासियों के साथ छल, क्या प्रदेश की सियासी गर्मी बढ़ाएगा UCC का मुद्दा?

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Uniform Civil Code CG: साय कैबिनेट ने प्रदेश में UCC समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने पर मुहर लगा दी है।

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 11:41 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 11:41 PM IST

Uniform Civil Code CG/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई।
  • बैठक में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने पर मुहर लगा दी गई है।
  • इस खबर के सामने आते ही सियासी सरगर्मी बढ़ चुकी है।

सरकार के फैसले पर क्रिश्चयन सोसायटी ने अभी से सवाल उठा दिया है, वो इसे ईसाई-मुस्लिमों को टार्गेट करने के तौर पर देख रहे हैं, तो वहीं मुस्लिमों का एक वर्ग इसे सीधे-सीधे मुस्लिमों के खिलाफ बताते हुए, गैर संवैधानिक करार दे रहा है।

वहीं, इस मसले पर विपक्ष ने अभी से गोल-मोल जवाब देते हुए। सभी से बात कर, सभी की सहमति से इसे लागू करने की पैरवी की है। (Uniform Civil Code CG)  पीसीस चीफ दीपक बैज इसे आदिवासियों के साथ छल बता रहे हैं। सत्ता पक्ष ने विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रारूप सामने आने से पहले ही इतनी हाय-तौबा करना समझ से परे है।

वर्तमान में हिंदू-मुस्लिम यानि धर्म के हिसाब से – विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण और पारिवारिक विवाद निपटारे के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉज लागू हैं। जबकि संविधान का अनुच्छेद-44 राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का नीति निर्देश देता है। सवाल ये है कि बिना प्रारूप आए इसका अभी से विरोध क्यों? जबकि देश के जिन राज्यों में UCC लागू है वहां इससे किसी भी धर्म या जाति के लोगों का कोई बड़ा विरोध या नुकसान सामने नहीं आया है।

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