Vishnu Ka Sushasan: मादक पदार्थों की तस्करी पर लगेगी रोक, तस्कर पहुंचेंगे सलाखों के पीछे, साय सरकार ने किया एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन

मादक पदार्थों की तस्करी पर लगेगी रोक, तस्कर पहुंचेंगे सलाखों के पीछे, Vishnu Ka Sushasan: Formation of SOG and Anti Narcotics Cell

Vishnu Ka Sushasan: मादक पदार्थों की तस्करी पर लगेगी रोक, तस्कर पहुंचेंगे सलाखों के पीछे, साय सरकार ने किया एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन
Modified Date: February 23, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: February 22, 2026 11:20 pm IST

रायपुरः Vishnu Ka Sushasan: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। सरकार ने सुशासन, विकास और कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए कई नीतिगत निर्णय इन दो वर्षों में लिए हैं। सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई नीतियां बनाई है। इसका परिणाम भी अब धरातल पर दिखने लगा है। साय सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और बड़े आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन की घोषणा की है।

दरअसल, पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा और छत्तीसगढ़ “नशे का अड्डा” बनता जा रहा था। सीमावर्ती राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई थी और संगठित गिरोह सक्रिय थे। संगठित अपराध, नशे के अवैध कारोबार और अंतरराज्यीय गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए अब विशेषीकृत और तकनीकी रूप से सक्षम इकाइयों की जरूरत थी। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में सरकार बनते ही शे के अवैध कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया है, विशेष अभियान चलाए हैं और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन किया।

चलाए जाएंगे विशेष अभियान

नवगठित एसओजी को संगठित अपराध, बड़े आपराधिक गिरोह और संवेदनशील मामलों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल राज्य में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने, तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अलग से समर्पित इकाई बनने से कार्रवाई अधिक समन्वित और परिणामकारी होगी। इससे जिला पुलिस और राज्य स्तरीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल भी सुनिश्चित होगा।

साय सरकार का महत्वपूर्ण कदम

पिछले कुछ वर्षों में देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि अपराध नियंत्रण के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ विशेषीकृत इकाइयों की स्थापना समय की मांग है। कुलमिलाकर साय सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन यह संकेत देता है कि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लंबी और रणनीतिक लड़ाई की तैयारी में है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि इन नई इकाइयों का जमीनी असर कितना प्रभावी साबित होता है।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।