रायपुर। बस्तर विकास प्राधिकरण के सभी काम अब जगदलपुर से ही होंगे। यह जानकारी प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने दी। पुनर्गठन के बाद प्राधिकरण की पहली बैठक बघेल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई। बैठक में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्राधिकरण के पास विकास कार्यों के लिए 60 करोड़ रूपए का बजट आबंटन उपलब्ध है। प्राधिकरण के सदस्यों और विधायकों ने प्राधिकरण मद से विकास कार्य के लिए प्रस्ताव दिए हैं।
बघेल ने कहा कि प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है और कार्य की उपयोगिता के आधार पर शीघ्र ही स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर विकास प्राधिकरण का पूरा कार्य अब बस्तर से ही संचालित होगा। प्राधिकरण से संबंधित सभी निर्णय यहीं लिए जाएंगे। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी और प्राधिकरण के सदस्य सचिव और कमिश्नर अमृत कुमार खलको भी मौजूद थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राधिकरण के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए जगदलपुर में अतिशीघ्र कार्यालय शुरु किया जाए। प्राधिकरण के सदस्य सचिव खलखो ने संबंधित अधिकारियों को प्राधिकरण के कार्यालय के लिए उपयुक्त भवन चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की प्राथमिकताएं उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ही निर्धारित करें, इस उद्देश्य से बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया गया है।
इसके तहत अब मुख्यमंत्री के स्थान पर उस क्षेत्र के ही विधायक को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बस्तर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही बीजापुर के विधायक विक्रम मण्डावी और केशकाल विधायक सन्तराम नेताम को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य शासन द्वारा प्राधिकरण के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री तथा उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
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बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को उनके पद की स्थिति के अनुसार सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए संबंधित कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है। बैठक में प्राधिकरण के सदस्यों के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे ।