रायपुर: CM Sai Delhi Visit: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद गुरुवार को रायपुर लौटे। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय नेताओं के साथ हुई मुलाकातें राज्य के विकास के लिए सार्थक रही हैं।
CM Sai Delhi Visit: मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास को लेकर केंद्र सरकार सकारात्मक है और इस दिशा में आगे भी समन्वित प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी मुलाकात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी हुई। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (आयुर्वेद एम्स) की स्थापना की मांग रखी गई है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में औषधीय गुणों से भरपूर अनेक प्रकार की जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं तथा आयुर्वेद आधारित चिकित्सा और अनुसंधान के लिए यहां का वातावरण बेहद अनुकूल है। ऐसे में राज्य में आयुर्वेद एम्स की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं और शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली स्थित यूथ हॉस्टल में ठहरे उन अभ्यर्थियों से भी मुलाकात की, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा (मेंस) की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 25 जून को लगाए गए आपातकाल को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज के दिन को “संविधान हत्या दिवस” और “काला दिवस” के रूप में मना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या हुई थी, गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया था। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इस दौर की जानकारी होना आवश्यक है, इसलिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम में आपातकाल से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। साय ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संविधान के महत्व को समझाने के लिए आपातकाल के इतिहास को जानना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख ले सकें।