ऐसे लोगों को है ब्लैक फंगस का खतरा, छत्तीसगढ़ शासन ने जारी की एडवाइजरी

Ads

ऐसे लोगों को है ब्लैक फंगस का खतरा, छत्तीसगढ़ शासन ने जारी की एडवाइजरी

  •  
  • Publish Date - May 14, 2021 / 04:00 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:41 PM IST

रायपुर: राज्य के विभिन्न अस्पतालों में ब्लैक फंगस (म्युकरमाइकोसिस) प्रकरणों से ग्रसित मरीज के प्रकरण आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु राज्य के तकनीकी समिति के विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित स्टैन्डर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकाॅल राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को जारी किया है। राज्य में ब्लैक फंगस (म्युकरमाइकोसिस) का इलाज सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में किया जाएगा।

Read More: नहीं होगी 10वीं बोर्ड की परीक्षा, 12वीं बोर्ड की परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित, शिक्षा मंडल ने जारी किया आदेश

ब्लैक फंगस
एक फंगल संक्रमण है। यह उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जो दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित है और दवाईयां ले रहे हैं। इससे उनकी प्रतिरोधात्मक क्षमता प्रभावित होती है। यदि व्यक्ति के शरीर में यह फंगस सूक्ष्म रूप में शरीर के अन्दर चला जाता है तो उसके साइनस या फेफड़े प्रभावित होंगे जिससे गम्भीर बीमारी हो सकती है। यदि इस बीमारी का इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह घातक हो सकती है।

Read More: सोशल मीडिया पर वायरल हुई परेश रावल के निधन की खबर, अभिनेता ने ट्वीट कर कहा- माफी चाहूंगा क्योंकि मैं तो 7 बजे…

बीमारी किसे हो सकती है
यह बीमारी कोविड-19 मरीजों में जो डायबीटिक मरीज हैं या अनियंत्रित डायबीटिज वाले व्यक्ति को, स्टेरोईड दवाईयां ले रहे व्यक्ति को या आई.सी.यू. में अधिक समय तक भर्ती रहने से यह बीमारी हो सकती है। यदि निम्नानुसार लक्षण दिखे तो चिकित्सक से तुरंत सम्पर्क करना चाहिए।

Read More: दुर्ग जिले में भी बढ़ाया जाएगा लॉकडाउन, लेकिन मिल सकती है अतिरिक्त छूट

बीमारी के लक्षण
आंख/नाक में दर्द और आंख के चारों ओर लालिमा, नाक का बंद होना, नाक से काला या तरल द्रव्य निकलना, जबड़े की हड्डी में दर्द होना, चेहरे में एक तरफ सूजन होना, नाक/तालु काले रंग का होना, दांत में दर्द, दांतों का ढ़िला होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर में दर्द होना, त्वचा में चकते आना, छाती में दर्द, बुखार आना, सांस की तकलीफ होना, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में परिवर्तन आना।

Read More: कोविड राहत के लिए अनुष्का शर्मा, विराट कोहली ने जुटाई बड़ी रकम, ऑक्सीजन, मेडिकल स्टाफ, टीकाकरण जागरुकता में की जाएगी खर्च

कैसे बचा जा सकता है
धूल भरे स्थानों में मास्क पहनकर, शरीर को पूरे वस्त्रों से ढंक कर, बागवानी करते समय हाथों में दस्ताने पहन कर और व्यक्तिगत साफ-सफाई रख कर।

Read More: मोदी, शाह की मति हो गई भ्रष्ट, विकास उपाध्याय ने युकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछताछ को बताया ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’