रायपुर: शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2018-19 में पहली से आठवीं तक की कक्षाओं की परीक्षा प्रणाली में बदलाव करने का फैसला लिया है। इस बार परीक्षाएं एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा निर्धारित लर्निंग आऊटकम के आधार पर कराया जाएगा। इसके तहत पूरे प्रदेश में एक ही तारीख में परीक्षाएं एक साथ होंगी। इसके लिए राज्य स्तर पर समय-सारिणी बनाए जाएगी। इस वर्ष ये परीक्षाएं 30 मार्च से 25 अप्रैल के मध्य होगी। बताया जा रहा है कि ऐसा कर शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई का राज्य स्तरीय आंकलन करना चाहती है। इस संबंध में संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, डाईट के प्राचार्यों और जिला मिशन समन्वयक को निर्देश जारी कर दिया गया है।
Read More: नाम वापसी के बाद 13 उम्मीदवार होंगे महासमुंद के चुनावी मैदान में, चुनाव चिन्ह का आबंटन
राज्य में कक्षा पहली से 8वीं तक सभी शासकीय शालाओं के विद्यार्थियों के आकलन हेतु समान समय-सारिणी प्रश्नों का लर्निंग आउटकम्स के साथ मैपिंग की गई है। इसके लिए आंकलन एवं मूल्यांकन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। आंकलन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दस प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं की रैण्डम रि-चेकिंग भी की जाएगी। प्रत्येक कक्ष में अधिकतम 30 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। परीक्षा के दौरान गठित टास्क फोर्स पूरी परीक्षा के निगरानी भी करेगा। प्रश्न पत्रों के मॉडल उत्तर एससीईआरटी की वेबसाईट पर अपलोड किया जाएगा। एक स्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दूसरे संकुल में किया जाएगा।
<iframe width=”1036″ height=”583″ src=”https://www.youtube.com/embed/0DbohihfJpc” frameborder=”0″ allow=”accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture” allowfullscreen></iframe>