Donald Trump ki Qurbani: ‘डोनाल्ड ट्रंप’ को हलाल करने की हो चुकी थी पूरी तैयारी, लेकिन कुर्बानी से कुछ घंटे पहले गृह मंत्रालय ने बचा ली जान, जानिए क्यों लिया ऐसा फैसला

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Donald Trump ki Qurbani: ‘डोनाल्ड ट्रंप’ को हलाल करने की हो चुकी थी पूरी तैयारी, लेकिन कुर्बानी से कुछ घंटे पहले गृह मंत्रालय ने बचा ली जान, जानिए क्यों लिया ऐसा फैसला

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 12:58 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 01:36 PM IST

Donald Trump ki Qurbani: ‘डोनाल्ड ट्रंप’ को हलाल करने की हो चुकी थी पूरी तैयारी, लेकिन कुर्बानी से कुछ घंटे पहले गृह मंत्रालय ने बचा ली जान, जानिए क्यों लिया ऐसा फैसला / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम के दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी रोक दी गई
  • सुनहरे बालों की वजह से सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बना
  • भैंसे को कब्जे में लेकर राष्ट्रीय चिड़ियाघर में रखने का फैसला किया

ढाका: Donald Trump ki Qurbani बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर अधिकारियों ने ‘‘डोनाल्ड ट्रंप’’ नाम के एक दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी रुकवाई और उसे राजधानी के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में रखने का फैसला किया है। यह भैंसा एल्बिनो (रंगहीनता) नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति से पीड़ित है, जिसके कारण शरीर में ‘मेलेनिन’ रंगद्रव्य बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता है। इस भैंसे के लहराते सुनहरे बाल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘सिग्नेचर हेयरस्टाइल’ से काफी मिलते-जुलते हैं जिसके कारण इसका नाम ‘‘डोनाल्ड ट्रंप’’ रखा गया है।

‘डोनाल्ड ट्रंप’ को हलाल करने थी तैयारी

Donald Trump ki Qurbani पुलिस के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को कुर्बानी दिए जाने से कुछ घंटे पहले ही इस 700 किलोग्राम वजनी भैंसे को कब्जे में ले लिया। इस भैंसे के मालिक मोनिरुज जमान ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज दोपहर पुलिसकर्मी आए और कहा कि सरकार ने संरक्षण के लिए भैंसे को अपने कब्जे में लेने का फैसला किया है। चूंकि हम सरकार के साथ कोई विवाद नहीं चाहते, इसलिए हमने उसे उन्हें सौंप दिया।’’ जमान ने बताया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि सरकार या तो उन्हें मुआवजा देगी या उनकी भैंसे के बदले में एक और भैंसा, गाय या बैल उपलब्ध कराएगी।

गृह मंत्रालय ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ की कुर्बानी पर लगाई रोक

जमान ने ढाका के बाहरी इलाके केरानीगंज स्थित अपने घर पर कुर्बानी देने के लिए तीन दिन पहले इसे खरीदा था। केरानीगंज थाना प्रभारी रुहुल कुद्दुस ने कहा कि पशुधन विभाग के अधिकारियों का मानना ​​है कि भैंसे की उम्र काफी कम है और उसे कई और वर्षों तक पाला जा सकता है। भैंसे के पूर्व मालिक एवं किसान जिया उद्दीन मृधा ने पहले कहा था कि उनके भाई ने भैंसे का नाम ‘‘डोनाल्ड ट्रम्प’’ रखा था क्योंकि उसके असामान्य सुनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति के बालों से मिलते जुलते थे।

सोशल मीडिया पर लोगों के आकर्षण का केंद्र

उन्होंने बताया कि यह भैंसा बिकने से पहले ही आगंतुकों और सोशल मीडिया पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईद की कुर्बानी के लिए लाए गए हजारों पशुओं में यह ‘‘ट्रंप’’ नाम का भैंसा अपने सुनहरे बालों, रंग के कारण काफी अलग और आकर्षक लग रहा है।

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Donald Trump ki Qurbani मामला क्या है?

बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा के मौके पर ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम के एक दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी रोकी गई और उसे संरक्षण के लिए चिड़ियाघर भेज दिया गया।

इस भैंसे का नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ क्यों रखा गया?

भैंसे के सुनहरे और लहराते बाल अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के हेयरस्टाइल जैसे दिखते थे, इसलिए उसका नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रखा गया।

सरकार ने कुर्बानी पर रोक क्यों लगाई?

पशुधन विभाग के अधिकारियों का मानना था कि भैंसा दुर्लभ नस्ल का है और उसकी उम्र कम होने के कारण उसे कई वर्षों तक संरक्षित किया जा सकता है।

से का वजन कितना था?

यह दुर्लभ भैंसा करीब 700 किलोग्राम वजनी बताया गया है।

सोशल मीडिया पर यह भैंसा क्यों वायरल हुआ?

इसके सुनहरे बाल, सफेद रंग और अनोखे लुक की वजह से लोग इसे देखने पहुंच रहे थे और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही थीं।