रायपुर: पहली बार लोकसभा का रास्ता तय कर संसद तक पहुंचे कांकेर सांसद ने गुरूवार को सदन में मीड डे मील के तहत खाना बनाने वाले रसाइयों के मानदेय का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने सदन में कहा कि हम दुनिया भर में विश्व का पालन पोषण करने वाले देश के रूप में जाना जाता है और इस देश में ही खाना बनाने वालों को बहुत ही कम मादनदेय दिया जाता है।
सांसद मंडावी ने आगे कहा कि किसी भी कर्मचारी को इतना मानदेय दिया जाना चाहिए जो उसके लिए सम्मानजनक हो। रसोइयों को महज 1000 रुपए मानदेय दिया जाता है, जो उनके लिए बेहद कम है। मैं उत्तर बस्तर के वनांचल क्षेत्र का रहने वाला हूं, जहां सुविधाओं का आभाव है। इन हालातों में यहां 1000 में गुजारा करना मुश्किल है।
बता दें प्रदेश में रसाइया संघ लंबे समय से मानदेय को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन करते आए हैं। पिछली सराकार के कार्यकाल के दौरान रसाइया संघ के लोगों ने सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन किया था।
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