पणजी, 27 जून (भाषा) गोवा सरकार ने दक्षिण गोवा के सालसेट तालुका में पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 103.78 लाख वर्ग मीटर भूमि को क्षेत्रीय योजना के तहत ‘निर्माण निषिद्ध क्षेत्र’ (एनडीजेड) घोषित किया है। राज्य के मंत्री विश्वजीत राणे ने यह जानकारी दी।
नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) मंत्री राणे ने शुक्रवार को कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में सालसेट तालुका के सात गांवों में फैले नमक के मैदान, धान के खेत और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील अन्य भूखंड शामिल हैं।
राणे के अनुसार, अधिसूचित भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा तलाउलिम गांव में है जो 29.13 लाख वर्ग मीटर में फैला है। इसके बाद माजोर्डा में 17.64 लाख वर्ग मीटर, सेराउलिम में 16.81 लाख वर्ग मीटर, लुटोलिम में 16.71 लाख वर्ग मीटर, उटोरडा में 9.92 लाख वर्ग मीटर, ओरलिम में 9.49 लाख वर्ग मीटर और कलाटा में 4.08 लाख वर्ग मीटर भूमि अधिसूचित की गई है। इनका कुल क्षेत्रफल 103.78 लाख वर्ग मीटर है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य गोवा के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करते हुए पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।
यह अधिसूचना क्षेत्रीय योजना के तहत पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें विकास गतिविधियों से बचाने की राज्य सरकार की जारी प्रक्रिया का हिस्सा है।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने इस महीने की शुरुआत में तटीय राज्य में पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील भूमि के बड़े हिस्से को निर्माण निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। इस कदम का उद्देश्य प्राकृतिक परिदृश्य और कृषि विरासत को संरक्षित करना है।
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सिम्मी शोभना
शोभना