परमात्मा में लीन होने बुराड़ी परिवार के 11 लोगों ने एक साथ लगाई थी फांसी
परमात्मा में लीन होने बुराड़ी परिवार के 11 लोगों ने एक साथ लगाई थी फांसी
नई दिल्ली। बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में बहुत सी बातें सामने आ रही है। पुलिस जांच में एक रजिस्टर हाथ लगा है जिसमें लिखा है की वे परमात्मा में लीन हो रहे हैं। वह बुरी चीजों को न देखना चाहते हैं और न ही सुनना चाहते हैं। इसे लेकर ये संदेह किया जा रहा है कि पूरा परिवार साधना में लगा हुआ था। अब इस मौत के बाद तरह तरह की बात भी सामने आ रही है। परिवार पूरा आध्यात्मिक प्रवृति में डूबा रहता था।
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घटना की बारे में बताया जा रहा है कि परिवार के 10 सदस्यों के शव पास -पास ही लटके हुए थे जबकि उस परिवार की माँ का कमरे में शव बरामद किया गया है।पुलिस अब इस जांच पर भी लगी है की ये परिवार किस गुरु को मानते थे क्योकि बरामद किये रजिस्टर में एक -एक बात लिखी मिली है। एक पेज में साफ -साफ लिखा है कि अब हम परमात्मा में लीन हो रहे हैं। आंखें बंद कर रहे हैं, ताकि भारी व बुरी वस्तु को न देख सकें।उसके बाद ये भी लिखा है की हमने कानों में रुई बुरी बात नहीं सुंनना इसलिए लगाई है।मुँह पर रुमाल बांधने के तरीको को भी विस्तार से लिखा गया है.

पुलिस को जांच के दौरान पांच स्टूल भी मिले हैं हालांकि ये बात भी उड़ती हुई आ रही है की मृतकों के पैर पूरी तरह से जमीन में टच थे इसलिए खुदकुशी के लिए कोई उकसा भी सकता है इस एंगल में भी पुलिस जाँच कर रही है।
इन लोगो ने लगाया मौत को गले
भूपी सिंह भाटिया (45), उसकी पत्नी श्वेता (42), बेटी नीतू (24), बेटी मीनू (22) और बेटा ध्रुव (15), भूपी का भाई ललित (42) उसकी पत्नी टीना (38), ललित का बेटा शिवम (12), भूपी की मां नारायण देवी (75), भूपी की बहन प्रतिभा (58), प्रतिभा की बेटी प्रियंका (30)।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छत पर लगे लोहे के जाल से फांसी का फंदा बना था जिसमे तीन -तीन सदस्यों को एक कतार में लटका पाया गया। जबकि एक महिला सदस्य खिड़की से लटकी हुई मिली।जिस वृद्घा का शव दूसरे कमरे में पड़ा हुआ मिला उसके कमरे में भी फांसी का फंदा बना हुआ था।

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