ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आईजीआई हवाईअड्डे, पालम से 1,189 वीवीआईपी की आवाजाही हुई

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आईजीआई हवाईअड्डे, पालम से 1,189 वीवीआईपी की आवाजाही हुई

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आईजीआई हवाईअड्डे, पालम से 1,189 वीवीआईपी की आवाजाही हुई
Modified Date: September 17, 2026 / 01:28 pm IST
Published Date: September 17, 2026 1:28 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने नागरिक और सैन्य विमानन अधिकारियों के साथ मिलकर दिल्ली में हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे और पालम वायुसेना स्टेशन से 1,189 विशिष्ट व्यक्तियों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों की कुल 257 उड़ानों के आगमन और प्रस्थान कार्य को अंजाम दिया।

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि शिखर सम्मेलन के लिए एक समर्पित ‘ब्रिक्स कंट्रोल रूम’ बनाया गया था, जिसने उड़ानों की आवाजाही की चौबीसों घंटे निगरानी और समन्वय तथा सीआईएसएफ की विभिन्न इकाइयों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कार्य किया।

भारत ने 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘तीन से 15 सितंबर के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 और एयर फोर्स स्टेशन पालम के जरिए विमानों के कुल 257 आगमन और प्रस्थान हुए, जिसमें 1,189 वीवीआईपी और वीआईपी शामिल थे।’’

अधिकारियों के अनुसार, शिखर सम्मेलन में 26 भागीदार देशों के 16 राष्ट्राध्यक्षों या शासनाध्यक्षों तथा उनके प्रतिनिधिमंडलों के अलावा सैकड़ों अन्य गणमान्य व्यक्ति और विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि मुख्य शिखर सम्मेलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडलों के अलावा 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को भी इसी अवधि में सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों ने सुगम बनाया। इन प्रतिनिधिमंडलों में प्रधान न्यायाधीश, शीर्ष अदालतों के अध्यक्ष या पीठासीन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ की तीन टीमों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही से जुड़े मामलों में विदेश मंत्रालय और प्रोटोकॉल अधिकारियों, दिल्ली पुलिस, खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों, हवाईअड्डा प्राधिकरण, पालम वायुसेना स्टेशन के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।

भाषा मनीषा रंजन

रंजन


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