पहलगाम समेत अन्य बड़े आतंकी हमलों से जुड़े लश्कर कमांडर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

पहलगाम समेत अन्य बड़े आतंकी हमलों से जुड़े लश्कर कमांडर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

पहलगाम समेत अन्य बड़े आतंकी हमलों से जुड़े लश्कर कमांडर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
Modified Date: September 17, 2026 / 01:21 pm IST
Published Date: September 17, 2026 1:21 pm IST

जम्मू, 17 सितंबर (भाषा) जम्मू में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले समेत कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के कमांडर सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सैफुल्ला पाकिस्तान के कसूर जिले के चंगा मांगा गांव का रहने वाला है।

आतंकी संगठनों में उसे साजिद जट, अली भाई, हबीबुल्ला मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी जैसे नामों से भी जाना जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अभियानों में अहम भूमिका निभाता है और दो दशक से अधिक समय से सक्रिय है।

एनआईए ने इस साल की शुरुआत में लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करके इसके सरगना और पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा को गिरफ्तार किया था।

अब्दुल्ला को एक अन्य पाकिस्तानी सहयोगी उस्मान उर्फ खुबैब और तीन स्थानीय सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने विशेष अदालत के आठ सितंबर को जारी आदेश का हवाला देते हुए बताया कि यह मामला मार्च में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा श्रीनगर के पांदाच इलाके में लश्कर के आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकड़े जाने के बाद सामने आया।

इसके बाद गिरोह के सभी सदस्यों , खासकर अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया गया, जो 16 साल से फरार था और केंद्र शासित प्रदेश से बाहर अपने ठिकाने बना चुका था।

एनआईए ने लश्कर कमांडर सैफुल्ला की आतंकी नेटवर्क में भूमिका का हवाला देते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की चौथी अनुसूची में सूचीबद्ध आतंकवादी सैफुल्ला पाकिस्तान से गतिविधियां चला रहा है और कश्मीर घाटी में आतंकवादियों को हथियार और धन मुहैया कराने के साथ उन्हें निर्देश दे रहा है।

एनआईए ने अदालत को यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादियों में से एक के पास से सैफुल्ला से जुड़ी टेलीग्राम आईडी बरामद की गयी हैं।

एजेंसी ने बताया कि इससे पता चला कि उसने सुरक्षा बलों, नागरिकों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों के लिए निर्देश दिए थे।

एनआईए की दलीलें सुनने और याचिका तथा उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करने के बाद अदालत ने लश्कर कमांडर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। एनआईए के अनुसार, सैफुल्ला ने 2005 से 2007 के दौरान कुलगाम जिले में लश्कर के आतंकी कमांडर के रूप में भी काम किया था और बाद में पाकिस्तान भाग गया था।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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