नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि इस समय छह भारतीय ध्वज वाले जहाज और छह विदेशी ध्वज वाले लेकिन भारतीय हितों से जुड़े पोत फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल पर कहा कि इन पोतों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, क्षेत्र में मौजूद विभिन्न अन्य वाणिज्यिक पोतों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक भी सवार हैं। उन्होंने कहा कि पोत परिवहन मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा है और सभी नाविकों की सुरक्षा एवं कल्याण का भी ध्यान रखा जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है। यह ऊर्जा क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है।
जायसवाल से सवाल किया गया था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कितने भारतीय ध्वज वाले जहाज और कितने भारतीय हितों से जुड़े पोत मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में छह भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक पोत मौजूद हैं। इसके अलावा छह विदेशी ध्वज वाले पोत भी हैं, जो भारत के लिए माल लेकर जा रहे हैं। इसलिए भारतीय ध्वज वाले छह और भारतीय हितों से जुड़े छह विदेशी ध्वज वाले पोत हैं, यानी कुल 12 जहाज हैं। इन जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं।’’
हाल के महीनों में भारतीय और अन्य देशों के नाविकों को ले जा रहे विभिन्न वाणिज्यिक पोतों पर हमले हुए हैं।
भारत ने विभिन्न मंचों पर कहा है कि कहीं भी वाणिज्यिक पोत पर हमले ‘‘अस्वीकार्य’’ हैं।
भाषा आशीष अमित
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