नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) वर्ष 2021 से 2025 तक राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ हिंसा और हमले की कुल 149 घटनाएं दर्ज की गईं। ये आंकड़े पिछले पांच वर्षों में इस प्रकार के हमलों में वृद्धि को दर्शाते हैं। दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
आंकड़ों के अनुसार, 2024 में सबसे अधिक ऐसी 49 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2025 में 48 मामले सामने आए। इससे पहले 2023 में 24 मामले सामने आए, जबकि 2021 और 2022 में सबसे कम 14-14 घटनाएं हुईं।
दिल्ली सरकार ने यह जानकारी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में साझा की।
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, 33 मामलों में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सरकार ने कहा कि डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें अस्पतालों में सुरक्षा समितियों का गठन, सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, आपातकालीन विभागों में दिल्ली पुलिस के कर्मियों की उपस्थिति शामिल हैं।
ऐसे मामलों से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जबकि अस्पतालों में विभिन्न स्थानों पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं से जुड़ी जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इसके साथ ही नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की गई है।
भाषा आशीष अविनाश
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