तमिलनाडु में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 18 प्रतिशत पर आपराधिक मामले दर्ज : रिपोर्ट

तमिलनाडु में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 18 प्रतिशत पर आपराधिक मामले दर्ज : रिपोर्ट

तमिलनाडु में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 18 प्रतिशत पर आपराधिक मामले दर्ज : रिपोर्ट
Modified Date: April 20, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: April 20, 2026 9:13 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे लगभग 18 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है जबकि 25 प्रतिशत उम्मीदवारों के पास एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 3992 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया, उनमें से 722 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। इनमें से 404 (10 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों में जिन 3559 उम्मीदवारों के हलफनामों के विश्लेषण किए गए, उनमें से 466 (13 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की थी और 207 (6 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की थी।

इस बीच, अन्नाद्रमुक के जिन 170 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया, उनमें से 118 (69 प्रतिशत), तमिलगा वेत्री कषगम के 231 उम्मीदवारों में से 92 (40 प्रतिशत), द्रमुक के 175 उम्मीदवारों में से 70 (40 प्रतिशत), भाजपा के 33 उम्मीदवारों में से 16 (48 प्रतिशत), कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से 14 (50 प्रतिशत), पट्टाली मक्कल काची के 18 उम्मीदवारों में से 9 (50 प्रतिशत), देसीया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम के 10 उम्मीदवारों में से 5 (50 प्रतिशत), भाकपा के पांच उम्मीदवारों में से 3 (60 प्रतिशत) और माकपा के पांच उम्मीदवारों में से 4 (80 प्रतिशत) ने हलफनामों में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

जिन उम्मीदवारों के हलफनामे का विश्लेषण किया गया उनमें से 981 (25 प्रतिशत) करोड़पति हैं, जबकि 22 (0.55 प्रतिशत) अरबपति हैं, यानी उनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है।

कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से दो (सात प्रतिशत), द्रमुक के 175 उम्मीदवारों में से सात (चार प्रतिशत), अन्नाद्रमुक के 170 उम्मीदवारों में से तीन (दो प्रतिशत), पट्टाली मक्कल काची के 18 उम्मीदवारों में से एक (6 प्रतिशत), अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषगम के 11 उम्मीदवारों में से एक (नौ प्रतिशत) और तमिलगा वेत्री कषगम के 231 उम्मीदवारों में से आठ (तीन प्रतिशत) ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

इस बीच, कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से 27 (96 प्रतिशत), द्रमुक के 175 उम्मीदवारों में से 170 (97 प्रतिशत), अन्नाद्रमुक के 170 उम्मीदवारों में से 160 (94 प्रतिशत), भाजपा के 33 उम्मीदवारों में से 31 (94 प्रतिशत), पट्टाली मक्कल काची के 18 उम्मीदवारों में से 16 (89 प्रतिशत), डीएमडीके के 10 उम्मीदवारों में से 10, तमिलगा वेत्र कषगम के 231 उम्मीदवारों में से 156 (68 प्रतिशत) और भाकपा के पांच उम्मीदवारों में से तीन (60 प्रतिशत) ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव लड़ रहे प्रत्येक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये है, जबकि 2021 में यह 1.72 करोड़ रुपये थी।

मोहन कुमार एम (ऑल इंडिया जननायका मक्कल कषगम) और निर्दलीय उम्मीदवार टी सेल्वराज, गुनासेकरन पी और ए जेगन सलामोंडोस ने शून्य संपत्ति घोषित की है।

रिपोर्ट के अनुसार, 1711 (43 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पांचवीं से बारहवीं कक्षा के बीच बताई है, जबकि 1822 (46 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता बताई है। 301 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं, 95 उम्मीदवार निरक्षर हैं और 56 उम्मीदवार केवल साक्षर हैं।

इनमें से केवल 442 (11 प्रतिशत) उम्मीदवार महिलाएं हैं।

भाषा

राखी नरेश रंजन

रंजन


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