कर्नाटक में 23 और तहसील सूखाग्रस्त घोषित, कुल संख्या बढ़कर 124 हुई

कर्नाटक में 23 और तहसील सूखाग्रस्त घोषित, कुल संख्या बढ़कर 124 हुई

Modified Date: September 17, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: September 17, 2026 5:07 pm IST

बेंगलुरु, 17 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के कई हिस्सों में सूखे के हालात के बीच राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को 23 और तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने से इनकी कुल संख्या बढ़कर 124 हो गई है।

राजस्व विभाग (आपदा प्रबंधन) ने कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) द्वारा जमीनी सत्यापन और व्यापक मूल्यांकन के आधार पर इन 23 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का आदेश जारी किया।

सरकार ने पहले चरण में खरीफ-2026 के लिए 27 अगस्त को 101 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया था।

राज्य के कई हिस्सों में बारिश न होने की स्थिति जारी रहने के बाद केएसएनडीएमसी ने शेष 139 तहसीलों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर की अध्यक्षता वाली प्राकृतिक आपदाओं पर बनी मंत्रिमंडल की उप-समिति के निर्देशों पर 24 तहसीलों के 214 गांवों में मोबाइल ऐप के माध्यम से जमीनी सत्यापन किया गया।

इसमें बताया गया कि जमीनी सत्यापन अभ्यास और केएसएनडीएमसी द्वारा सौंपी गई व्यापक रिपोर्ट के आधार पर अब 23 और तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।

इनमें से 21 तहसीलों को गंभीर रूप से सूखाग्रस्त और दो तहसीलों को मध्यम रूप से सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है।

यह घोषणा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और छह महीने तक लागू रहेगी।

गंभीर रूप से सूखाग्रस्त घोषित 21 तहसीलों में तुमकुरु जिले का तिप्तूर; कोप्पल का करातगी; रायचूर का मानवी, सिंधनूर और सिरवार; कलबुर्गी का अफजलपुर, आलंद, चित्तापुर, कलबुर्गी, यद्रामी और शाहाबाद; बीदर का भालकी; विजयपुरा का बसवन्ना बागेवाड़ी, बाबलेश्वर और टिकोटा; हावेरी का रत्तीहल्ली; धारवाड़ का हुबली, नवलगुंद, हुबली शहर और अन्निगेरी; तथा चिकमगलूर का कडूर शामिल है।

वहीं, कोडागु जिले के पोन्नमपेट और विराजपेट तहसीलों को मध्यम रूप से सूखाग्रस्त की श्रेणी में रखा गया है।

भाषा

सुमित सुरेश

सुरेश


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