सत्य निकेतन में इमारत ढहने के मामले में किरण बेदी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के मामले में किरण बेदी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया
नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर सत्य निकेतन में एक छात्रावास की इमारत ढहने के मामले में उन्हें पक्षकार बनाए जाने का अनुरोध किया।
इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर छात्र थे।
केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने हालांकि बेदी की याचिका का विरोध किया और आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय मांगा।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने विधि अधिकारी से कहा, ‘‘आप क्या जवाब दाखिल करेंगे? वह देश की एक जिम्मेदार नागरिक हैं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव है। यह मामला व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है।’’
शर्मा ने कहा कि वह बेदी का ‘‘बहुत सम्मान’’ करते हैं, लेकिन हस्तक्षेप के अनुरोध संबंधी उनकी याचिका से यह प्रतीत होता है कि वह उस मामले में “पहले ही निष्कर्ष पर पहुंच रही हैं”, जिसमें अधिकारियों को अभी वस्तु स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी है।
अदालत ने अधिकारियों से इसे प्रतिकूल रूप से नहीं लेने को कहा और उन्हें बेदी की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया।
मामले की सुनवाई मुख्य याचिका के साथ 25 सितंबर को होगी।
सत्य निकेतन स्थित इमारत छह सितंबर को मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई थी। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गये थे।
उच्च न्यायालय ने सात सितंबर को इस घटना की उच्चस्तरीय एमसीडी जांच का आदेश दिया था और यह स्पष्ट किया था कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
अदालत ने कहा था कि यह घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इसने अपर्याप्त आवास सुविधाओं (जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय या सरकार द्वारा संचालित छात्रावास शामिल हैं), छात्रों की सुरक्षा और संरक्षा, तथा ऐसे पीजी आवासों को विनियमित करने के लिए एमसीडी और अन्य अधिकारियों द्वारा उठाए गए नाकाफी उपायों को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव

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