हैदराबाद, छह अप्रैल (भाषा) प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के एक वरिष्ठ कमांडर समेत लगभग 30 सदस्यों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन के उप कमांडर सोडी केशालू उर्फ सोडी केशा भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘अगले कुछ दिनों में आत्मसमर्पण की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।’
केशालू का आत्मसमर्पण पीएलजीए के बटालियन कमांडर बडसे सुक्का उर्फ देवा और 19 भूमिगत कार्यकर्ताओं के तीन जनवरी को तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद हुआ है।
पुलिस ने तब कहा था कि बडसे सुक्का के आत्मसमर्पण ने पीएलजीए और भाकपा (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति के अंत की घंटी बजा दी थी।
तेलंगाना के डीजीपी बी शिवधर रेड्डी ने 30 मार्च को भाकपा (माओवादी) पार्टी के भूमिगत नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिंसा का त्याग करने, हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होकर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील की थी।
डीजीपी ने वर्तमान में अन्य राज्यों में माओवादी समूहों में सक्रिय तेलंगाना के मूल निवासियों – मुप्पल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (72), पुसुनुरी नरहरि उर्फ संतोष (57), वर्था शेखर उर्फ मंगथु (51), जोडे रत्नाबाई उर्फ सुजाता (68), नक्का सुशीला उर्फ रेला (51) और रंगबोयिना भाग्य उर्फ रूपी (43) से वापस लौटने और पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की विशेष अपील की।
भाषा राखी रंजन
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