‘साइटसेवर्स’ कार्यक्रम के तहत बंगाल में 3280 दृष्टिबाधित बच्चे लाभान्वित

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‘साइटसेवर्स’ कार्यक्रम के तहत बंगाल में 3280 दृष्टिबाधित बच्चे लाभान्वित

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 04:15 PM IST

कोलकाता, छह अगस्त (भाषा) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने केंद्र के ‘समग्र शिक्षा अभियान’ और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ से जुड़े समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक पश्चिम बंगाल में 3,280 दृष्टिबाधित बच्चों की मदद की है।

‘रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी फोर ब्लाइंड’ (साइटसेवर्स) नामक इस संगठन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि राज्य शिक्षा विभाग, विद्यालयों, अध्यापकों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर वह शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर रहा है तथा यह सुनिश्चित कर रहा है कि जो बच्चे नेत्रहीन हैं या जो बच्चे कम देख पाते हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा सुलभ हो।

इस कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों को ब्रेल शिक्षा, कम-दृष्टि संबंधी उपकरण, सुगम शिक्षण सामग्री और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण सहायता उपकरण (जैसे टैबलेट, डेसी प्लेयर और लैपटॉप) उपलब्ध कराया जाता है।

इस दौरान 263 बच्चों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और अन्य सहायक उपकरण दिये गये जबकि 1,265 बच्चों को कक्षा में सीखने के लिए ज़रूरी शिक्षण सामग्री दी गयी।

समावेशी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए, इस पहल के तहत 1,390 शिक्षकों को सामान्य कक्षाओं में दृष्टि-बाधित बच्चों की शिक्षण जरूरतों को पूरा करने के लिए उचित प्रशिक्षण दिया गया।

इसके अलावा, 264 शिक्षा प्रशासकों को विकलांगता समावेशन और विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों की शिक्षा के बारे में संवेदनशील बनाया गया, जिससे समावेशी स्कूली शिक्षा के लिए संस्थागत सहयोग मज़बूत हुआ।

‘रॉयल ​​कॉमनवेल्थ सोसाइटी फॉर द ब्लाइंड’ को आम तौर पर ‘साइटसेवर्स’ के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना 1950 में हुई थी और 1958 में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने इसे शाही संरक्षण प्रदान किया था।

बयान में कहा गया है कि यह संस्था दुनिया भर में रोकी जा सकने वाली अंधेपन की समस्या, मोतियाबिंद के इलाज और दिव्यांग लोगों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश