असम में ‘अरुणोदय’ योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को मिली नौ-नौ हजार रुपये की वित्तीय सहायता

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असम में ‘अरुणोदय’ योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को मिली नौ-नौ हजार रुपये की वित्तीय सहायता

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 05:36 PM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 05:36 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

गुवाहाटी, 10 मार्च (भाषा) असम में मंगलवार को राज्य सरकार की प्रमुख‘अरुणोदय’ योजना के तहत 40 लाख परिवारों को 9,000-9,000 रुपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इन परिवारों की महिलाओं के बैंक खातों में यह राशि भेजना सरकार के संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण का प्रतीक है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह योजना आगामी विधानसभा चुनावों से संबंधित नहीं है, और साथ ही यह भी बताया कि यह योजना सभी के लिए नहीं है, बल्कि केवल उन महिलाओं के लिए है, जो विशिष्ट मानदंडों को पूरा करती हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “असम में महिला-नेतृत्व वाले परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से अरुणोदय योजना के लाभार्थी 40 लाख परिवारों को 9,000 रुपये प्रति परिवार हस्तांतरित किए, इससे राज्य भर में महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा तथा सम्मान को और मजबूती मिली।”

सीएमओ के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों की लाभार्थी महिलाएं 3,800 से अधिक सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इस केंद्रीय कार्यक्रम से जुड़ीं। ये कार्यक्रम ग्राम पंचायतों, स्वायत्त परिषद क्षेत्रों, ग्राम विकास समितियों और शहरी वार्ड समितियों में आयोजित किए गए थे।

अरुणोदय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है, जिसे 2020 में शुरू किया गया था, इसके तहत प्रति परिवार एक पात्र महिला लाभार्थी को प्रति माह 1,250 रुपये मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने पहले घोषणा की थी कि इस वर्ष जनवरी से चार महीनों की राशि के साथ-साथ बोहाग बिहू (अप्रैल में मनाया जाने वाला असमिया नववर्ष) के उत्सव के लिए अतिरिक्त राशि भी मार्च में एक साथ दी जाएगी, जिससे कुल भुगतान 9,000 रुपये हो गया। शर्मा ने कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस योजना का विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा, “अन्य राज्यों के विपरीत इस योजना में बड़े पैमाने पर लाभ अंतरण नहीं होता। यह केवल कुछ विशेष श्रेणी की महिलाओं तक सीमित है। यह एक नियंत्रित योजना है और चुनाव से जुड़ी नहीं है।”

शर्मा ने कहा कि यदि यह योजना चुनाव से जुड़ी होती, तो इसका दायरा सार्वभौमिक होता।

उन्होंने कहा, “हम पिछले छह वर्षों से ‘अरुणोदय’ योजना को पूरी संवेदनशीलता के साथ चला रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा की वजह से जीतते हैं, योजनाओं की वजह से नहीं। ये तो चल रही सरकारी योजनाएं हैं। संभव है कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी ऐसी योजनाएं हों।”

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गुवाहाटी के बाहरी क्षेत्र सोनापुर में राज्य की पहली ‘साइंस सिटी’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देश के सर्वश्रेष्ठ स्तर के बराबर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है।

शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “असम को अपनी ‘साइंस सिटी’ मिल गई है और यह देश की बेहतरीन साइंस सिटीज में से एक होगी। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में बनी यह परियोजना 82 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।”

उन्होंने बताया कि इस ‘साइंस सिटी’ में ‘यूरेका’ और ‘स्पेस ओडिसी’ जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं और यह आकार में कोलकाता की साइंस सिटी से भी बड़ी है।

भाषा रवि कांत रवि कांत दिलीप

दिलीप