Uniform Civil Code News: “अब देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का समय आ गया है”.. आखिर SC ने क्यों कही ये बात?.. शरीयत पर भी की ये अहम टिप्पणी

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Uniform Civil Code Latest Updates: सुप्रीम कोर्ट ने यूसीसी लागू करने की जरूरत बताई, शरीयत कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई।

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 07:36 PM IST

Uniform Civil Code Latest Updates || Image- The Haryana Story file

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने यूसीसी पर अहम टिप्पणी
  • शरीयत कानून को चुनौती पर सुनवाई
  • संसद को निर्णय लेने की सलाह

Uniform Civil Code Latest Updates: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज (मंगलवार 10 मार्च) यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अब देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का समय आ गया है। दरअसल कोर्ट में 1937 के शरीयत कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये नियम मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं।

शरीयत कानून पर न्यायधीशों की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि अगर कोर्ट शरीयत विरासत कानून को रद्द कर देता है, तो इससे कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुस्लिम विरासत से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने वाला कोई दूसरा स्पष्ट कानून मौजूद नहीं है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण से कहा कि सुधार की कोशिश में कहीं ऐसा न हो कि जिन अधिकारों का लाभ अभी मिल रहा है, वह भी खत्म हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर 1937 का शरीयत एक्ट खत्म हो जाता है, तो यह भी देखना होगा कि उसके बाद कौन सा कानून लागू होगा।

‘फैसले लेना अदालत के बजाय संसद का काम’ : सुको

Uniform Civil Code Latest Updates: जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि याचिका में भेदभाव का मुद्दा मजबूत है, लेकिन इस तरह के बड़े फैसले लेना अदालत के बजाय संसद का काम है। उन्होंने कहा कि संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अनुसार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का अधिकार विधायिका के पास है।

वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि अदालत यह घोषित कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को भी विरासत में पुरुषों के बराबर अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट 1937 को रद्द कर दिया जाता है, तो ऐसे मामलों में इंडियन सक्सेशन एक्ट के नियम लागू हो सकते हैं।

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1. सुप्रीम कोर्ट ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का समय आ गया है।

2. यह मामला किस कानून से जुड़ा हुआ है?

यह मामला मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट 1937 के कुछ प्रावधानों को चुनौती से जुड़ा है।

3. सुप्रीम कोर्ट ने यूसीसी लागू करने का अधिकार किसे बताया?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का अधिकार संसद और विधायिका के पास है।