पिछले पांच साल में आईबीसी के तहत 4,557 मामले स्वीकार किए गए : सरकार
पिछले पांच साल में आईबीसी के तहत 4,557 मामले स्वीकार किए गए : सरकार
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि पिछले पांच वर्षों में दिवाला कानून के तहत 4,557 मामले स्वीकार किए गए और उनमें से 1,077 मामलों में समाधान योजनाएं बनीं।
कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘मार्च 2026 के आखिर तक जिन 1,419 मामलों में समाधान योजनाएं बनीं, उनकी प्रक्रिया पूरी होने में औसतन 621 दिन लगे…।’’
मल्होत्रा ने कहा कि हर मामले को सुलझाने में लगने वाला समय कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे मामले की परिस्थितियां और जटिलता, सबूतों की प्रकृति, अर्जियों की संख्या, अदालतों द्वारा लगाई गई रोक, हितधारकों का सहयोग और सुनवाई टलना।
मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के तहत कुल 4,557 मामले स्वीकार किए गए। इन पांच वर्षों में, कुल 1,077 मामलों में समाधान योजनाएं बनीं और 1,722 मामलों को संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने के आदेश के साथ निस्तारित कर दिया गया।’’
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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