शिमला, दो जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने से जनजीवन बाधित हुआ है तथा 46 सड़कें बंद कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
शिमला मौसम केंद्र ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए तीन जुलाई को छोड़कर दो से पांच जुलाई तक छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, कुल्लू में 18, मंडी में 15, सिरमौर में नौ और लाहौल-स्पीति व ऊना ज़िलों में दो-दो सड़कें बंद कर दी गईं।
एसईओसी ने बताया कि भारी बारिश की वजह से बिजली के 181 ट्रांसफ़ॉर्मर और जलापूर्ति की छह योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
बुधवार शाम से पोंटा साहिब में 100.4 मिलीमीटर (मिली) बारिश दर्ज की गई। कसौली में 86 मिमी, धर्मपुर में 83.4 मिमी, जट्टोन बैराज में 77 मिमी, धौलाकुआं में 69 मिमी, पच्छाद में 60 मिमी, रामपुर में 53 मिमी, ऊना में 50.4 मिमी, नाहन में 38.3 मिमी, पालमपुर में 37.8 मिमी और धर्मशाला में 34.1 मिमी में बारिश हुई।
कांगड़ा, जुब्बरहट्टी और भुंतर में भी आंधी-तूफान आया और बिजली कड़कने की घटनाएं हुईं।
शिमला के ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मॉनसून के दौरान आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक टीम तैनात की है।
इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मॉनसून के दौरान राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित, सुचारू और बिना रुकावट के यातायात सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय किए हैं।
एनएचएआई ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि भूस्खलन, ढलान पर धंसाव, मलबा जमा होने, बाढ़ और मॉनसून से जुड़ी अन्य आपदाओं की आशंका वाली जगहों की पहचान की गई है तथा प्राथमिकता के आधार पर बचाव के उपाय किए गए हैं।
बयान के अनुसार, प्राधिकरण ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर जोखिम वाले और भूस्खलन की आशंका वाले हिस्सों का विस्तृत सर्वे किया है तथा इन आकलन के आधार पर चिन्हित जगहों पर सुधार का काम शुरू किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, उन जगहों पर खास ध्यान दिया गया है जो पिछले मॉनसून सीज़न के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। तुरंत बचाव के उपायों के साथ-साथ, एनएचएआई ने इन रास्तों की लंबे समय तक मज़बूती बनाए रखने के लिए स्थायी समाधानों की भी योजना बनाई है, जिनमें पुलों, सुरक्षात्मक ढांचों और अन्य ज़रूरी बुनियादी ढांचों का निर्माण शामिल है।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश