तोक्यो, दो जुलाई (एपी) विश्व कप से बाहर होने के बाद जापान के कोच हाजिमे मोरियासु को बृहस्पतिवार को टीम का मुख्य कोच बने रहने पर पुष्टि करनी थी लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपने भविष्य के बारे में फैसला करने के लिए समय चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपने भविष्य के बारे में फैसला करने से पहले उन्हें आराम करने और विश्व कप के नतीजों पर विचार करने के लिए समय चाहिए।
मोरियासु ने जापान फुटबॉल संघ के अधिकारियों की मौजूदगी में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं अभी थोड़ा ब्रेक लूंगा और फिर मुझे टूर्नामेंट के बारे में ठीक से सोचना होगा। अभी तक बस इतना ही तय हुआ है। ’’
हालांकि, वह देश में इस खेल के भविष्य को लेकर उत्साहित थे।
मोरियासु ने कहा, ‘‘जापान की फुटबॉल टीम विश्व स्तर पर अपनी जगह बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है। मुझे यकीन है कि अगर हम इसी तरह आगे बढ़ते रहे, तो हम निश्चित रूप से विश्व चैंपियन बन पाएंगे। ’’
मोरियासु के मार्गदर्शन में जापान की टीम विश्व कप के राउंड ऑफ 32 तक पहुंची लेकिन इस हफ्ते की शुरुआत में टीम को पांच बार के चैंपियन ब्राजील ने 2-1 से हरा दिया।
जापान ने पिछले दो दशक में विश्व फुटबॉल में लगातार प्रगति की है लेकिन विश्व कप के नॉकआउट चरण में अब तक कोई मैच नहीं जीत पाया है।
मोरियासु ने रूस में 2018 विश्व कप के बाद राष्ट्रीय टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने जापान को कतर में 2022 विश्व कप के नॉकआउट चरण तक पहुंचाया जहां टीम पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया से हार गई।
राष्ट्रीय समाचार एजेंसी क्योदो की खबर के अनुसार जापान फुटबॉल संघ चाहता है कि मोरियासु अपने पद पर बने रहें।
क्योदो ने जेएफए अध्यक्ष सुनेयासु मियामोतो के हवाले से कहा, ‘‘हमें इसके लिए तैयारी करनी होगी।’’
कुछ खबरों के अनुसार मोरियासु का अनुबंध एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है जिससे कि वह अगले साल की शुरुआत में सऊदी अरब में होने वाले एशियाई कप के लिए टीम के साथ बने रह सकें। कतर मौजूदा चैंपियन है और जापान एशिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट को जीतने के प्रबल दावेदारों में से एक होगा।
इस टूर्नामेंट के लिए 24 टीम पहले ही क्वालीफाई कर चुकी हैं। जापान ग्रुप एफ में इंडोनेशिया, कतर और थाईलैंड के साथ है।
एपी सुधीर नमिता मोना
मोना