तिरुमला में 500 कलाकारों ने ब्रह्मोत्सवम के तहत विविध नृत्य विधाएं पेश कीं

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तिरुमला में 500 कलाकारों ने ब्रह्मोत्सवम के तहत विविध नृत्य विधाएं पेश कीं

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 03:47 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 03:47 PM IST

तिरुपति (आंध्रप्रदेश), 17 सितंबर (भाषा) तिरुमला में बृहस्पतिवार को सिंह वाहन सेवा’ (एक धार्मिक अनुष्ठान) के दौरान अलग-अलग राज्यों के लगभग 500 कलाकारों ने प्रस्तुति दी जिससे ब्रह्मोत्सव में आध्यात्मिक उत्साह बढ़ गया।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, देश भर के कलाकारों द्वारा दी गई मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘ टीटीडी द्वारा आयोजित इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कुल 19 समूहों के 494 कलाकारों ने हिस्सा लिया जिससे ब्रह्मोत्सव में आध्यात्मिक उल्लास एवं उत्साह और बढ़ गया।’’

सिंह वाहन सेवा के दौरान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत देश के आठ राज्यों के सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक नृत्य विधाओं से श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया।

कलाकारों ने शास्त्रीय और लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें दशावतारम, भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, छाऊ, कोलाटम, नवदुर्गा, ड्रम वादन और श्री राम चरितम शामिल थे।

बुधवार शाम आठ राज्यों के 19 दलों के 504 कलाकारों ने विभिन्न नृत्य विधाएं पेश कीं।

तिरुमला में हम्सा वाहनम के सामने बांगरा, छोलिया और गरबा का प्रदर्शन किया गया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि ड्रम, लम्बाडी डांस, कर्रासामु और कोलाटम जैसी कलाओं ने भी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

तिरुमला में हर दिन त्योहार होता है और यहां के देवता साल भर में 450 से ज़्यादा त्योहारों का आनंद लेते हैं, जिनमें रोज़ाना, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक और वार्षिक त्योहार शामिल हैं।

टीटीडी के अनुसार, इन त्योहारों में वार्षिक ब्रह्मोत्सव सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि माना जाता है कि इसकी शुरुआत भगवान ब्रह्मा ने की थी।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश