चेन्नई, 22 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
इस चुनावी मुकाबले में धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) की प्रमुख पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रमुख पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) आमने-सामने हैं।
द्रमुक जहां सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं अन्नाद्रमुक पांच साल तक विपक्ष में रहने के बाद सत्ता में वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री और द्रमुक के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने आश्वासन दिया है कि वह तमिलनाडु को दक्षिण एशिया में एक मॉडल राज्य में बदल देंगे जबकि अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से गलत व्यक्ति को न चुनने की अपील की है।
तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक विजय पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वह चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से चुनाव लड़ रहे हैं।
विजय ने पलानीस्वामी पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री अपने गृह जिले सलेम के बाहर किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत सकते हैं?
चुनाव के लिए प्रचार 21 अप्रैल को समाप्त हुआ। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान बृहस्पतिवार यानी 23 अप्रैल को होगा जबकि मतगणना चार मई को होगी।
चुनाव से पहले तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने मतदान के दिन सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए जारी विभिन्न तैयारियों की समीक्षा करने वास्ते नियंत्रण कक्ष का दौरा किया।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। राज्य भर में 1.40 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों को चुनाव के समय सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।
भाषा प्रचेता मनीषा
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