नयी दिल्ली, 9 अगस्त (भाषा) भारत के करीब 96 प्रतिशत यात्री किसी भी परेशानी या बदलाव की स्थिति में अपनी यात्रा रद्द करने के बजाय उसमें बदलाव करने के लिए तैयार रहते हैं, जो यात्रा के प्रति उनके मजबूत और लचीले रवैये को दिखाता है। यह रोचक आंकड़े ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी बुकिंग डॉट कॉम की एक नयी रिपोर्ट में सामने आए हैं।
दस एशिया-प्रशांत देशों के 10,000 से अधिक यात्रियों पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित पहली ‘ट्रैवल हैप्पीनेस इंडेक्स’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों के लिए यात्रा अब भी खुशी और बेहतर जीवन का एक बड़ा माध्यम है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘96 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब यात्रा में कोई परेशानी आएगी तो वे यात्रा रद्द करने के बजाय अपनी योजना में बदलाव करना पसंद करेंगे।”
रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग अपनी योजना में बदलाव करना पसंद करेंगे, उनमें से 28 प्रतिशत लोग किसी दूसरे स्थान पर जाने का विकल्प चुनेंगे, 19 प्रतिशत अपनी यात्रा को आगे के लिए टाल देंगे और अन्य 19 प्रतिशत यात्रा का समय या अवधि बदल देंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, “99 प्रतिशत” भारतीय यात्री यात्रा को सकारात्मक भावनाओं से जोड़कर देखते हैं, जबकि ‘90 प्रतिशत’ लोगों का कहना है कि आने वाली यात्रा की उम्मीद से उनका मूड बेहतर होता है।
करीब “82 प्रतिशत” लोगों का मानना है कि यात्रा उनकी खुशी और बेहतर जीवन के लिए जरूरी है।
बुकिंग डॉट कॉम के दक्षिण एशिया प्रमुख संतोष कुमार ने एक बयान में कहा, “यात्रा अब केवल रोजमर्रा की जिंदगी से थोड़ा आराम पाने का जरिया नहीं रह गई है, बल्कि यह बेहतर जीवन, रिश्तों और व्यक्तिगत विकास में एक निवेश बनती जा रही है। यह बात विशेष रूप से उत्साहित करने वाली है कि अनिश्चितता के समय में अपनी योजनाएं रोकने के बजाय अधिकतर लोग उनमें बदलाव कर यात्रा का पूरा आनंद लेने का विकल्प चुन रहे हैं।”
बुकिंग डॉट कॉम ने 10 एशिया-प्रशांत देशों में 21 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 10,136 लोगों के बीच यह सर्वेक्षण कराया।
यह ऑनलाइन सर्वेक्षण मई 2026 में किया गया था, जिसमें भारत के 1,015 लोगों ने हिस्सा लिया।
भाषा जोहेब धीरज
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